Hazaribagh News : झारखंड सरकार के क्लस्टर सिस्टम के तहत संत कोलंबस महाविद्यालय और के.बी. महिला महाविद्यालय में संस्कृत विभाग बंद किए जाने के विरोध में सोमवार को छात्रों, शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पदयात्रा निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से निर्णय वापस लेकर दोनों महाविद्यालयों में संस्कृत विभाग को पुनः संचालित करने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों और शिक्षकों ने कहा कि के.बी. महिला महाविद्यालय में संस्कृत विषय के सबसे अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि संत कोलंबस महाविद्यालय में भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं संस्कृत की पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में दोनों संस्थानों से विभाग समाप्त करने का निर्णय हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करेगा। उनका कहना था कि इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ेगा, जिससे आर्थिक और शैक्षणिक दोनों तरह की परेशानियां बढ़ेंगी।
संस्कृत भारती ने फैसले को बताया भेदभावपूर्ण, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संस्कृत भारती के ओम प्रकाश गुप्ता ने सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यदि क्लस्टर सिस्टम लागू करना है तो सभी विषयों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। केवल संस्कृत विभाग को बंद करना भेदभावपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति के प्रति सरकार की नकारात्मक सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब अन्य विषयों की पढ़ाई जारी है, तो संस्कृत विभाग को बंद करना उचित नहीं है।
ओम प्रकाश गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर संस्कृत विभाग को बहाल नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा रांची में भी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए क्लस्टर सिस्टम के तहत लिए गए इस निर्णय को वापस लेने और दोनों महाविद्यालयों में संस्कृत विभाग का संचालन पहले की तरह जारी रखने की मांग की।