DD Bar Murder Case: जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डीडी (DD) बार के समीप हुए हत्याकांड मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. बिष्टुपुर पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण मामले के नामजद आरोपी राहुल दुबे ने बिष्टुपुर थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत् गिरफ्तार कर आज न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. इस मामले में पुलिस द्वारा अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिसमें बार मालिक नीरज सिंह और मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा भी शामिल हैं.
निशानदेही पर जानलेवा हमले में प्रयुक्त चापड़ बरामद
यह पूरा मामला 27 जून की रात का है, जब डीडी बार के बाहर अपराधियों ने धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया था. इस हिंसक वारदात में हिमांशु सिंह नामक युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि प्रत्युष सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है. इस संवेदनशील कांड की जांच के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया था. पुलिस ने कल सरेंडर करने वाले आरोपी राहुल दुबे की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया एक धारदार चापड़ भी बरामद कर लिया है.
तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज से कस रहा शिकंजा
मामले के अनुसंधान में जुटी एसआईटी की टीम तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मानवीय आसूचना के आधार पर लगातार छापामारी अभियान चला रही थी. फरार चल रहे आरोपियों के घरों और संभावित ठिकानों पर पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही थी, जिसके दबाव में आकर 30 वर्षीय आरोपी राहुल दुबे को आखिरकार घुटने टेकने पड़े. कदमा के शास्त्रीनगर का रहने वाला राहुल दुबे पूर्व में भी कई संगीन वारदातों में शामिल रहा है और उसका पुराना आपराधिक इतिहास है.
आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास का पुराना इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जेल भेजे गए आरोपी राहुल दुबे के खिलाफ पूर्व में भी कदमा थाने और जमशेदपुर न्यायालय में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह पहले भी आर्म्स एक्ट (हथियार अधिनियम) और हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसी संगीन धाराओं के तहत पुलिस द्वारा गिरफ्तार होकर जेल की हवा खा चुका है. मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.