कोक उत्पादन प्रक्रिया से जुड़ा है मामला, कंपनी ने दी तकनीकी सफाई
टाटा स्टील के अनुसार विवाद कोक उत्पादन के दौरान कभी कभार बनने वाले अंडरकुक्ड कोक से जुड़ा है. कंपनी का कहना है कि इस कोक का उपयोग ब्लास्ट फर्नेस में इस्पात उत्पादन के लिए किया जाता है और बड़े स्तर पर उत्पादन के दौरान बहुत कम मामलों में कोई बैच पूरी तरह तैयार नहीं हो पाता. ऐसे मामलों में सीमित समय के लिए उत्सर्जन बढ़ सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह रोकना तकनीकी रूप से संभव नहीं है. कंपनी के मुताबिक आइजमुइडेन संयंत्र की दोनों इकाइयों में हर साल करीब 1.35 लाख बैच तैयार किए जाते हैं और ऐसी घटनाएं बेहद कम होती हैं.
98 प्रतिशत कमी का दावा, ग्रीन स्टील परियोजना के तहत बंद होंगी पुरानी इकाइयां
कंपनी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है और वर्ष 2020 में तकनीकी सुधार लागू होने के बाद इस तरह की घटनाओं में 98 प्रतिशत तक कमी आई है. वर्ष 2026 के आंकड़ों के अनुसार अंडरकुक्ड कोक की औसत घटनाएं कुल उत्पादन का 0.011 प्रतिशत से भी कम रह गई हैं. टाटा स्टील ने यह भी बताया कि ग्रीन स्टील परियोजना के तहत आइजमुइडेन की केजीएफ 1 और केजीएफ 2 इकाइयों को भविष्य में स्थायी रूप से बंद किया जाएगा. इनकी जगह आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीक अपनाई जाएगी ताकि कार्बन उत्सर्जन को और कम किया जा सके. कंपनी ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हुए अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी