Jamshedpur Crime News: पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत बहरागोड़ा थाना पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के मूल्यवान रत्न “पन्ना” (Emerald) की तस्करी के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने बहरागोड़ा बस स्टैंड के समीप घेराबंदी कर तीन शातिर तस्करों विनय पातर, सिद्धेश्वर कालिंदी और स्नेहाशिष मंगराज को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. पुलिस ने तस्करों के पास से कुल 1.095 किलोग्राम (1095 ग्राम) अवैध पन्ना बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 50 लाख रूपए (डेढ़ करोड़ रुपये) आंकी गई है.
बस स्टैंड के पास ग्राहक का इंतजार कर रहे थे आरोपी
यह पूरी कार्रवाई पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को मिली एक पुख्ता गुप्त सूचना के आधार पर की गई. जानकारी मिली थी कि कुछ अज्ञात तस्कर बहरागोड़ा बस स्टैंड के आसपास कीमती पन्ना लेकर किसी बड़ी डील को अंजाम देने के लिए आने वाले हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए घाटशिला अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में तत्काल एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया. पुलिस टीम जैसे ही बस स्टैंड पहुंची, तो वहां दो दोपहिया वाहनों के पास खड़े तीन संदिग्ध लोग पुलिस बल को देखकर भागने का प्रयास करने लगे, जिन्हें जवानों ने खदेड़कर दबोच लिया.
स्कूटी की डिक्की से मिला प्लास्टिक में छुपाया गया पन्ना
पकड़े गए आरोपियों की जब कानूनन तलाशी ली गई, तो विनय पातर के पास मौजूद एक यामाहा स्कूटी की डिक्की से सफेद रंग के प्लास्टिक में छुपाकर रखे गए पन्ने के छोटे-छोटे टुकड़े बरामद हुए. इसके अलावा, आरोपियों के पास से एक हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल, तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन और कुल 2300 रूपए नगद बरामद किए गए. गिरफ्तार आरोपियों में विनय पातर और सिद्धेश्वर कालिंदी गुड़ाबंदा थाना क्षेत्र के मुराकाटी के रहने वाले हैं, जबकि स्नेहाशिष मंगराज श्यामसुन्दरपुर थाना क्षेत्र के खाँड़देवली का निवासी है. पुलिस ने सभी अवैध सामानों और वाहनों को विधिवत जब्त कर लिया है.
भारतीय वन अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
बहरागोड़ा थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की सुसंगत धाराओं के साथ-साथ भारतीय वन अधिनियम 1927, पुरावशेष तथा बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम 1972 और खान एवं खनिज अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आज तीनों को जेल भेज दिया गया है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार मुख्य आरोपी विनय पातर का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. वह साल 2018 में भी गुड़ाबंदा थाने में दर्ज खनिज चोरी और वन अधिनियम के एक मामले में जेल जा चुका है. पुलिस अब इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना और पन्ने की अवैध माइनिंग के स्रोतों का पता लगाने में जुटी है.