राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने शोक संदेश में कहा कि एस. जानकी अम्मा का संगीत आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत रहेगा. उन्होंने कहा कि उनकी असाधारण गायकी ने करोड़ों संगीत प्रेमियों को प्रभावित किया और भारतीय संगीत को नई समृद्धि प्रदान की.
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि उनकी मधुर आवाज ने भाषा और क्षेत्र की सीमाओं को पार करते हुए लोगों को एक सूत्र में बांधा. उन्होंने कहा कि शास्त्रीय, भक्ति और लोक संगीत समेत हर शैली में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा.
प्रधानमंत्री और अमित शाह ने बताया अपूरणीय क्षति
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि एस. जानकी अम्मा का निधन भारतीय संगीत और सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि विभिन्न भारतीय भाषाओं में गाए गए उनके गीत दशकों तक लोगों के दिलों में बसे रहेंगे और उनकी आवाज हमेशा प्रेरणा देती रहेगी.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि एस. जानकी अम्मा ने अपनी अद्भुत गायकी से अनगिनत गीतों को अमर बना दिया. उनके अनुसार भारतीय संगीत जगत ने अपनी एक महान विभूति को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी.
छह दशक तक संगीत जगत पर छोड़ी अमिट छाप
एस. जानकी अम्मा भारतीय सिनेमा की सबसे सम्मानित पार्श्व गायिकाओं में गिनी जाती थीं. उन्होंने 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में 48 हजार से ज्यादा गीत रिकॉर्ड किए और हिंदी फिल्मों सहित कई भाषाओं के संगीत को अपनी आवाज से नई पहचान दी.
उनके गाए अनेक गीत आज भी संगीत प्रेमियों की पहली पसंद हैं. भारतीय संगीत में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी.