Ranchi News : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) घोटाले के आरोपित वाणिज्यकर अधिकारियों को फिलहाल सहायक आयुक्त स्तर पर प्रोन्नति नहीं मिलेगी। इसके अलावा वित्त सेवा के उन अधिकारियों की पदोन्नति भी रोक दी गई है, जिनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई लंबित है। हाल ही में हुई प्रोन्नति समिति की बैठक में इन अधिकारियों के प्रमोशन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया।
वाणिज्यकर विभाग ने कुल 62 अधिकारियों की पदोन्नति का प्रस्ताव समिति के समक्ष भेजा था। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद समिति ने 47 अधिकारियों की पदोन्नति को मंजूरी दी, जबकि 15 अधिकारियों के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इनमें चार अधिकारी ऐसे हैं, जिनके खिलाफ JPSC घोटाले में सीबीआई आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है, जबकि 11 अधिकारियों के विरुद्ध विभिन्न मामलों में विभागीय जांच जारी है।
चार आरोपित अधिकारियों को नहीं मिली पदोन्नति
प्रोन्नति समिति ने जिन चार वाणिज्यकर अधिकारियों की पदोन्नति पर रोक लगाई है, उनमें कुंदन कुमार सिंह, मौसमी नागेश, शैलेष कुमार श्रीवास्तव और इंद्रजीत सिंह शामिल हैं। सीबीआई द्वारा दायर आरोपपत्र के अनुसार, कुंदन कुमार सिंह तत्कालीन JPSC सदस्य गोपाल प्रसाद सिंह के पुत्र हैं, जबकि मौसमी नागेश तत्कालीन सदस्य राधा गोविंद नागेश की पुत्री हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह पदोन्नति वाणिज्यकर अधिकारी से सहायक आयुक्त तथा सहायक आयुक्त से उपायुक्त वाणिज्यकर के पदों के लिए प्रस्तावित थी। समिति ने लंबित आपराधिक और विभागीय मामलों को देखते हुए संबंधित अधिकारियों की पदोन्नति फिलहाल रोकने का निर्णय लिया है।