Meerut Tax Refund Scam: उत्तर प्रदेश के मेरठ से सामने आए एक बड़े कथित टैक्स रिफंड घोटाले ने आयकर विभाग और देशभर के टैक्सपेयर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आयकर विभाग ने दावा किया है कि एक महिला ने 357 करोड़ रुपये के कथित टैक्स रिफंड घोटाले को अंजाम दिया। जांच एजेंसियों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में 3,000 से अधिक लोगों के आयकर रिटर्न में कथित हेराफेरी कर करीब 65.5 करोड़ रुपये का अवैध टैक्स रिफंड हासिल कराया गया।
धारा 80GGC के कथित दुरुपयोग का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित ने आयकर अधिनियम की धारा 80GGC का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया। इस धारा के तहत राजनीतिक दलों को दिए गए वैध दान पर टैक्स छूट मिलती है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इसी प्रावधान का दुरुपयोग कर हजारों क्लाइंट्स के नाम पर फर्जी दान दिखाया गया और अधिक टैक्स रिफंड का दावा किया गया। इस कथित नेटवर्क में देशभर के नौकरीपेशा लोगों को भी शामिल किए जाने की बात कही जा रही है।
तलाशी में करोड़ों की संपत्ति और दस्तावेज बरामद
आयकर विभाग की टीम ने पिछले वर्ष आरोपित के ठिकानों और बैंक लॉकरों पर छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 50 लाख रुपये के सोने के आभूषण, लगभग 4 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), करीब 5 लाख रुपये नकद, हस्तलिखित लेजर, कंप्यूटर, लैपटॉप और कई डिजिटल दस्तावेज बरामद किए गए। अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों से क्लाइंट नेटवर्क और कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
फर्जी टैक्स छूट लेने वालों पर भी कार्रवाई की तैयारी
आयकर विभाग अब उन लोगों की पहचान कर रहा है, जिन्होंने कथित रूप से फर्जी टैक्स छूट का लाभ लिया। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे टैक्सपेयर्स को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि जांच में गलत दावा करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों से टैक्स की वसूली के साथ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
आरोपों से इनकार, जांच जारी
आरोपी महिला ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह आयकर विभाग के हर सवाल का जवाब देगी। वहीं, इस मामले में जिन अन्य लोगों और संस्थानों के नाम सामने आए हैं, उन्होंने भी किसी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है और अंतिम स्थिति जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।