सीजेपी आंदोलन पर ममता का खुला समर्थन
शहीद दिवस के मौके पर आयोजित सभा में ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी शुरुआत से ही सीजेपी के आंदोलन के साथ खड़ी रही है और आगे भी उसका समर्थन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि अगर हालात की जरूरत हुई तो वह खुद दिल्ली जाकर प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद रहेंगी. अपने संबोधन में उन्होंने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस, माकपा और INDIA गठबंधन के अन्य दलों से मतभेद भुलाकर भाजपा के खिलाफ साझा लड़ाई लड़ने की अपील भी की. उनका कहना था कि यह मुकाबला किसी एक दल या नेता का नहीं, बल्कि बड़े राजनीतिक उद्देश्य का है.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे समर्थक भारी बारिश और सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी डटे रहे. संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद देर रात प्रदर्शनकारियों ने दोबारा मंच तैयार किया, जिसे पुलिस ने हटवा दिया. मंगलवार सुबह प्रदर्शन में शामिल लोगों ने स्थल की सफाई भी की.
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रदर्शनकारियों से माफी मांगी. उन्होंने कहा कि आंदोलन की तैयारी और सुरक्षा को लेकर और बेहतर व्यवस्था की जा सकती थी. दीपके ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कई छात्रों को चोटें आईं और कुछ छात्राओं के साथ भी बल प्रयोग हुआ. समाचार लिखे जाने तक इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
शरद पवार पहुंचे जंतर-मंतर, ममता ने पार्टी छोड़ने वालों को दिया संदेश
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद शरद पवार भी जंतर-मंतर पहुंचे. उन्होंने अभिजीत दीपके और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर हालचाल जाना. दीपके के मुताबिक, शरद पवार घायल छात्रों के प्रति संवेदना जताने और पूरी स्थिति की जानकारी लेने पहुंचे थे. उन्होंने इस समर्थन के लिए पवार का आभार भी जताया.
कोलकाता की सभा में ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ चुके नेताओं पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ चुके हैं, उन्हें दोबारा संगठन में शामिल नहीं किया जाएगा. वहीं, सीजेपी का आंदोलन फिलहाल जारी है और प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज बनी हुई है.