Ex Agniveer Reservation: केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) एवं राइफलमैन के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। लोकसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि इसके लिए पूर्व अग्निवीरों की अलग श्रेणी बनाई गई है, ताकि चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं को सम्मानजनक रोजगार मिल सके।
आयु सीमा में छूट और फिजिकल टेस्ट में राहत
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को भी पूर्व अग्निवीरों के लिए आसान बनाया है। पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष और बाद के बैचों को 3 वर्ष की छूट मिलेगी। इसके अलावा, भर्ती के दौरान फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) में भी निर्धारित राहत दी जाएगी, जिससे सेना का अनुभव रखने वाले युवाओं को नई नौकरी पाने में सुविधा होगी।
“पूर्व अग्निवीर विंग” का गठन, बढ़ाया गया आरक्षण
पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार के बेहतर समन्वय के लिए गृह मंत्रालय ने एक विशेष “पूर्व अग्निवीर विंग” का गठन किया है। साथ ही दिसंबर 2025 में BSF जनरल ड्यूटी कैडर भर्ती नियमों में संशोधन कर पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है।
रोजगार के नए अवसर, सुरक्षा बलों को मिलेगा अनुभवी बल
सरकार का कहना है कि यह फैसला अग्निपथ योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पूर्व अग्निवीरों को सुरक्षा बलों में दोबारा सेवा का अवसर मिलेगा, वहीं देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों का लाभ भी मिलेगा। लाखों युवाओं के लिए इसे रोजगार के नए अवसर खोलने वाला बड़ा निर्णय माना जा रहा है।