JPSC Controversy: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है. गुरुवार को रांची में कांग्रेस के भाजपा प्रदेश कार्यालय घेराव और उसके बाद हुए विवाद के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मर्यादाओं की बात करती है, लेकिन खुद उसी का पालन नहीं करती. साथ ही उन्होंने JPSC समेत सभी भर्ती विवादों की CBI जांच की मांग दोहराई.
"छह साल से सरकार आपकी, फिर जवाब कौन देगा?"
आदित्य साहू ने कहा कि लोकतंत्र केवल विरोध करने का नाम नहीं, बल्कि लोकलाज और जवाबदेही से चलता है. उन्होंने सवाल उठाया कि झारखंड में पिछले छह वर्षों से कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार सत्ता में है, फिर JPSC, JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही भर्ती और शिक्षक नियुक्ति जैसी परीक्षाओं में सामने आए विवादों पर कांग्रेस जवाब क्यों नहीं देती.
उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों युवा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है.
JPSC अध्यक्ष के इस्तीफे का भाजपा ने लिया श्रेय
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा के लगातार आंदोलन और दबाव का ही परिणाम है कि JPSC अध्यक्ष को इस्तीफा देना पड़ा. उन्होंने कहा कि अब केवल इस्तीफे से काम नहीं चलेगा, बल्कि JPSC से जुड़े सभी कथित घोटालों और अनियमितताओं की निष्पक्ष CBI जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके.
कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के अपमान का आरोप
आदित्य साहू ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में युवाओं को एकत्र कर संसद की ओर बढ़ने की घटनाओं के जरिए कांग्रेस ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल राजनीतिक प्रदर्शन और फोटोशूट की राजनीति कर रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने देश की संवैधानिक संस्थाओं और शीर्ष पदों के प्रति भी सम्मान नहीं दिखाया है.
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के सम्मान का मुद्दा उठाया
भाजपा नेता ने कहा कि देश की राष्ट्रपति एक साधारण परिवार से आती हैं, लेकिन कांग्रेस ने उनके सम्मान का भी विरोध किया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ भी कांग्रेस नेताओं द्वारा अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि प्रधानमंत्री पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके पद का सम्मान किया जाना चाहिए.
NEET पेपर लीक पर केंद्र सरकार का बचाव
आदित्य साहू ने NEET पेपर लीक विवाद पर केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि जैसे ही गड़बड़ी सामने आई, सरकार ने तत्काल कार्रवाई की. दोबारा परीक्षा कराई गई ताकि योग्य छात्रों के साथ न्याय हो सके. उन्होंने कहा कि कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और बाकी मामलों में भी फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट रुख है कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
भाजपा कार्यालय घेराव और पत्थरबाजी का लगाया आरोप
कांग्रेस के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य साहू ने कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की, जिसमें भाजपा नेता संजय चौधरी घायल हो गए और उन्हें टांके लगाने पड़े. कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी चोटें आई हैं.
उन्होंने कहा कि एक दिन पहले जब भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे, तब वे पत्थर या अन्य सामान लेकर नहीं गए थे.
पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप
आदित्य साहू ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पक्ष में कार्रवाई करती नजर आई. उन्होंने मांग की कि पत्थरबाजी में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही कहा कि भाजपा भी इस पूरे मामले को लेकर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएगी.