Sonam Wangchuk Hunger Strike: NEET पेपर लीक के खिलाफ अनशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह रात करीब 12:30 बजे गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां जेपी नड्डा ने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। वांगचुक ने बताया कि सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने यह फैसला लिया।
लिखित आश्वासन मिलने के बाद खत्म किया अनशन
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी वीडियो में कहा कि सरकार के साथ लंबी बातचीत के बाद कुछ अहम मांगों पर सहमति बनी। उन्होंने बताया कि उन्हें केवल मौखिक नहीं बल्कि लिखित भरोसा चाहिए था, जिसे तैयार होने में दो दिन लग गए। इसी वजह से उन्हें दो दिन अतिरिक्त अनशन जारी रखना पड़ा।
तीन प्रमुख मांगों पर सरकार का लिखित भरोसा
सरकार ने लिखित रूप से आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले या 20 जुलाई के “संसद चलो” मार्च में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई या FIR दर्ज नहीं होगी। साथ ही पेपर लीक प्रकरण से जुड़े 20 से अधिक मृत छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और शिक्षा व परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने के लिए संसद में विस्तृत चर्चा कराने का भी भरोसा दिया गया है। इसके अलावा 65 सांसदों ने भी हस्ताक्षर कर वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर नहीं मिला आश्वासन
वांगचुक ने कहा कि देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए भी उन्होंने अनशन खत्म करने का निर्णय लिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से कोई लिखित या मौखिक आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार भरोसा नहीं दे सकी कि इस्तीफा कब होगा।
बच्चों के हित में अनशन समाप्त करने का फैसला
सोनम वांगचुक ने कहा कि उनके सामने दो विकल्प थे-या तो अनिश्चितकाल तक भूख हड़ताल जारी रखकर अपनी जान जोखिम में डालना, या फिर छात्रों और मृतकों के परिवारों के हितों को प्राथमिकता देना। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि छात्रों पर कार्रवाई नहीं होगी, मृतकों के परिवारों को मुआवजा मिलेगा और देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था संसद में NEET पेपर लीक तथा परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही पर व्यापक चर्चा होगी।