Jharkhand Monsoon News: झारखंड में मानसून के सक्रिय रहने के बावजूद राज्य के बड़े हिस्से में बारिश का आंकड़ा बेहद निराशाजनक बना हुआ है. मौसम कार्यालय द्वारा 1 जून से 25 जुलाई तक के जारी आधिकारिक डेटा के मुताबिक, प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में अब तक उम्मीद के मुताबिक वर्षा नहीं हो सकी है. इस समयावधि के दौरान पूरे राज्य में औसतन 444.3 मिलीमीटर जलवृष्टि होनी चाहिए थी, लेकिन असल में केवल 323.4 मिलीमीटर पानी ही गिरा है. इस तरह झारखंड भर में कुल मिलाकर सामान्य स्तर से 27 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है.
चतरा और गढ़वा में स्थिति बेहद गंभीर, पाकुड़-कोडरमा में भी संकट
राज्य के चतरा और गढ़वा जिले में मानसून की बेरुखी सबसे अधिक देखने को मिल रही है, जहां सामान्य आंकड़े से 63 प्रतिशत कम मेघ बरसे हैं. चतरा में 400.2 मिलीमीटर के मानक के मुकाबले महज 149.2 मिलीमीटर और गढ़वा में 381.2 मिलीमीटर की जगह सिर्फ 140.6 मिलीमीटर वर्षा मापी गई है. इसके अतिरिक्त पाकुड़ में 59 फीसदी, देवघर में 54 फीसदी तथा कोडरमा में 51 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे इन क्षेत्रों में खेती-किसानी पर गहरा असर पड़ रहा है.
साहिबगंज और कोल्हान क्षेत्र में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर
साहिबगंज जिले में स्थिति अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी संतोषजनक रही है, जहां 538.6 मिलीमीटर के तय मानक के विपरीत 499.4 मिलीमीटर पानी गिरा और केवल 7 प्रतिशत की कमी रही. इसी प्रकार सरायकेला-खरसावां में 3 फीसदी, सिमडेगा में 2 फीसदी और पश्चिमी सिंहभूम में 2 फीसदी की मामूली कमी देखी गई है. वहीं राजधानी रांची की बात करें तो यहां 457 मिलीमीटर के मुकाबले 392.1 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 14 प्रतिशत कम है.
अन्य प्रमुख जिलों में जलवृष्टि का लेखा-जोखा
प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश का ग्राफ सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है. गोड्डा में 46 प्रतिशत, गिरिडीह में 43 प्रतिशत, पलामू में 41 प्रतिशत, हजारीबाग में 39 प्रतिशत और रामगढ़ में 38 प्रतिशत की कमी आई है. इसके अलावा बोकारो में 34 फीसदी, लातेहार में 30 फीसदी, गुमला में 28 फीसदी, लोहरदगा में 27 फीसदी, जामताड़ा में 24 फीसदी, खूंटी व पूर्वी सिंहभूम में 20-20 फीसदी, धनबाद में 17 फीसदी और दुमका में 16 फीसदी कम बादल बरसे हैं.