Shravani Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान इस बार बासुकीनाथ धाम में श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। 30 जुलाई से शुरू होने वाले मेले में पहली बार शिवगंगा तालाब की सफाई के लिए स्वचालित जल सफाई रोबोट तैनात किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे तालाब में तैरने वाले कचरे की नियमित सफाई होगी और श्रद्धालुओं को स्वच्छ जलाशय का लाभ मिलेगा।
दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने तैयार किया रोबोट
“नेचर्स रिवाइवल बॉट-ऑटोनोमस वॉटर क्लीनिंग रोबोट” को दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज के बीटेक अंतिम वर्ष के पांच छात्रों ने विकसित किया है। कॉलेज के विद्युत अभियंत्रण विभागाध्यक्ष प्रो. पंकज सरकार ने बताया कि यह रोबोट तालाब की सतह पर तैरने वाले प्लास्टिक, पत्तों और अन्य कचरे को स्वतः एकत्र कर जालीदार डिब्बे में जमा करता है। इसमें मोटर से संचालित कन्वेयर बेल्ट प्रणाली लगाई गई है, जो सफाई कार्य को आसान बनाती है।
सेंसर और बैटरी तकनीक से होगा संचालन
परियोजना टीम के सदस्य कौशल कुमार के अनुसार, रोबोट में तीन प्रकार की मोटरें और प्रकाश आधारित सेंसर लगाए गए हैं, जो इसे रास्ते में आने वाली बाधाओं से टकराने से बचाते हैं। इसे दूर से नियंत्रित किया जा सकता है और यह पूरी तरह बैटरी से संचालित होने के कारण प्रदूषण भी नहीं फैलाता।
हर मिनट आठ वर्ग फुट क्षेत्र की करेगा सफाई
तकनीकी जानकारी के मुताबिक, यह रोबोट प्रति मिनट करीब आठ वर्ग फुट क्षेत्र की सफाई करने में सक्षम है और लगभग एक किलोमीटर के दायरे में कार्य कर सकता है। इसके कचरा संग्रहण डिब्बे में तीन से चार क्विंटल तक कचरा जमा किया जा सकता है। डिब्बा भरने के बाद उसे खाली कर दोबारा सफाई कार्य शुरू किया जाएगा।
श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर स्वच्छता व्यवस्था
दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शिवगंगा तालाब की स्वच्छता बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में इस आधुनिक रोबोट की तैनाती स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगी और मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।