Jharkhand News: झारखंड सरकार ने शहरी इलाकों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 165 करोड़ 9 लाख 57 हजार रूपए की महत्वाकांक्षी योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है. इस योजना के तहत राज्य के विभिन्न नगर निकायों में हजारों नई स्वच्छता इकाइयों का निर्माण कराया जाएगा.
सरकार की योजना के अनुसार, राज्य के अलग-अलग शहरों में कुल 3,435 स्वच्छता इकाइयां विकसित की जाएंगी. इनमें 7,331 शौचालय सीट और 1,600 मूत्रालय सीट तैयार की जाएंगी, ताकि नागरिकों को बेहतर और पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाएं मिल सकें.
इस परियोजना में 2,899 व्यक्तिगत शौचालय, 110 सामुदायिक शौचालय, 327 सार्वजनिक शौचालय और 99 आकांक्षी सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता का स्तर सुधरेगा और खुले में शौच व खुले में मूत्रत्याग जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा.
योजना का उद्देश्य सिर्फ शौचालय बनाना नहीं, बल्कि शहरों को ODF+, ODF++, Water+ और Garbage Free City जैसे राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना भी है. इसके लिए आधुनिक सुविधाओं और बेहतर रखरखाव पर विशेष जोर दिया जाएगा.
नए शौचालयों को सभी वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा. महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध होंगी. दिव्यांग लोगों की सुविधा के लिए रैंप, हैंडरेल, व्हीलचेयर अनुकूल रास्ते, ब्रेल संकेतक और फिसलन रोकने वाली फर्श बनाई जाएगी.
महिलाओं के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी. जरूरत के अनुसार सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, सेनेटरी वेस्ट इंसीनरेटर और शिशु देखभाल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि सार्वजनिक शौचालय अधिक उपयोगी और सुविधाजनक बन सकें.
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इन स्वच्छता केंद्रों में वर्षा जल संचयन प्रणाली और सौर ऊर्जा से संचालित लाइटें भी लगाई जाएंगी. वहीं आकांक्षी सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड, पार्कों और झीलों के आसपास किया जाएगा, जहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी निर्माण कार्य ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कराए जाएंगे. इसका उद्देश्य निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है.