Bokaro Missing Girl Case: बोकारो की लापता युवती मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान जांच की रफ्तार और प्रगति पर गंभीर सवाल उठाए. अदालत ने उपलब्ध रिपोर्ट और अब तक की जांच का अवलोकन करने के बाद मामले को बेहद गंभीर मानते हुए CBI के पुलिस अधीक्षक (SP) को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया.
सुनवाई के दौरान CBI और CID ने अदालत के समक्ष जांच की ताजा स्थिति पेश की. दोनों एजेंसियों ने अब तक की कार्रवाई और जुटाए गए साक्ष्यों की जानकारी दी, जिस पर कोर्ट ने विस्तार से विचार किया. खंडपीठ ने पूछा कि आखिर अब तक युवती का पता क्यों नहीं चल सका. साथ ही यह भी जानना चाहा कि जांच को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए आगे क्या रणनीति बनाई गई है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने CBI के एसपी को अगली सुनवाई में स्वयं उपस्थित होकर जांच की प्रगति, अब तक हुई कार्रवाई और आगे की कार्ययोजना की जानकारी देने का निर्देश दिया. इस मामले की सुनवाई जस्टिस सुजीत नारायण और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ कर रही है. अदालत ने अगली सुनवाई मंगलवार दोपहर 2:15 बजे तय करते हुए मामले को फिर सूचीबद्ध करने का आदेश दिया.
बोकारो की लापता युवती का मामला लंबे समय से झारखंड हाईकोर्ट की निगरानी में है. इससे पहले भी कोर्ट जांच में हो रही देरी पर नाराजगी जता चुकी है. अदालत CBI और CID को मिलकर प्रभावी जांच करने और हर पहलू पर गंभीरता से काम करने के निर्देश भी दे चुकी है. अब CBI के वरिष्ठ अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से तलब किए जाने से साफ है कि हाईकोर्ट इस मामले की जांच पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए है और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करना चाहता है.