Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट परिसर में फुटबॉल ग्राउंड बनाने का मामला अब अदालत में पहुंच गया है. हाईकोर्ट ने इस मामले में निर्माण से जुड़े टेंडर की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार तथा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से जवाब मांगा है.
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने दोनों पक्षों को अपना जवाब 10 अगस्त तक देने को कहा है. इसके अलावा, अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन से कहा है कि वह सरकार और रजिस्ट्रार जनरल का जवाब मिलने के बाद 18 अगस्त तक अपना विस्तृत पक्ष प्रस्तुत करे. इस मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी.
यह विवाद उस विकास योजना से शुरू हुआ, जिसे वर्ष 2024 में तत्कालीन चीफ जस्टिस ने राज्य सरकार को भेजा था. इस योजना में हाईकोर्ट परिसर में पांच न्यायाधीशों के आवास, पांच रजिस्ट्री अधिकारियों के आवास, एक ऑडिटोरियम और फुटबॉल ग्राउंड बनाने का प्रस्ताव शामिल था. इसी प्रस्ताव के आधार पर फुटबॉल ग्राउंड के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया था.
हालांकि, झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने इस पर आपत्ति जताई है. एसोसिएशन का कहना है कि हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं की संख्या बढ़ रही है, लेकिन उनके लिए पर्याप्त चैंबर नहीं हैं. ऐसे में, फुटबॉल ग्राउंड बनाने के बजाय अधिवक्ताओं के लिए नए चैंबर का निर्माण प्राथमिकता होनी चाहिए.
इसी मांग को लेकर एडवोकेट एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने टेंडर पर अंतरिम रोक लगाते हुए सभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है.