Jharkhand Naxal News: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. प्रतिबंधित माओवादी संगठन से जुड़े 16 उग्रवादियों ने हथियार छोड़कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. इनमें कई इनामी माओवादी और संगठन के वरिष्ठ सदस्य शामिल हैं. इस मामले का पूरा खुलासा जल्द ही होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया जाएगा.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में एक रीजनल कमेटी सदस्य, तीन जोनल कमेटी सदस्य, तीन सब-जोनल कमेटी सदस्य, छह एरिया कमेटी सदस्य और तीन अन्य कैडर शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह हाल के वर्षों में संगठन को लगा बड़ा झटका माना जा रहा है.
15 लाख का इनामी समेत कई बड़े नक्सलियों ने छोड़ा संगठन
आत्मसमर्पण करने वालों में 15 लाख रुपये का इनामी संतोष उर्फ बासुदेव दा उर्फ गांधी भी शामिल है. इसके अलावा 10 लाख रुपये का इनामी चंदन लोहरा, पांच-पांच लाख रुपये के इनामी अनिल तुरी और सुखलाल बिरजिया ने भी हथियार डाल दिए हैं. दो लाख रुपये का इनामी सुदेश होनहागा उर्फ सोनाराम उर्फ सोना ने भी मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है.
इनके अलावा संतोष मांझी उर्फ जगबंधु, जयकांत मुंडा उर्फ गूंगा उर्फ बंगाली, राजनाथ हांसदा उर्फ गुना हांसदा, एतवारी मांझी उर्फ सोनोत उर्फ संत उर्फ शनिचरवा, देवान मुर्मू उर्फ शनिचर, सुमित्रा सुरीन, चंपा मांझियाइन उर्फ गुड़िया, सालेमी मुंडा उर्फ पारुल, मुन्नी सुरीन उर्फ मुरीन सुरीन और सीता मुंडा ने भी आत्मसमर्पण किया है.
आधुनिक हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने बड़ी संख्या में आधुनिक हथियार और गोला-बारूद भी सुरक्षा बलों को सौंपे. इनमें छह इंसास राइफल, दो एके-47, एक एचके-33 राइफल, एक यूएस कार्बाइन और एक एम-16 राइफल शामिल हैं. इसके अलावा 38 मैगजीन और 1,562 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं. पुलिस का मानना है कि लगातार चल रहे अभियान का असर अब माओवादी संगठन पर साफ दिखाई दे रहा है.
छत्तीसगढ़ में भी झारखंड से जुड़े आठ माओवादियों ने किया सरेंडर
छत्तीसगढ़ में भी झारखंड से जुड़े आठ माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें जोनल कमेटी सदस्य अश्विन उर्फ लच्छू कोरसा के अलावा सोहन पुनेम, राती उर्फ मंगली कुंजाम, अनुषा कुंजाम, रजनी मुडकेम, राहत मांडवी, सुबनी और जेलानी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, ये सभी झारखंड में भी सक्रिय रहे थे.
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इससे पहले 21 मई को भी 25 माओवादी और जेजेएमपी के दो उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया था. लगातार हो रहे सरेंडर को अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है. फिलहाल पुलिस और सुरक्षा बलों का फोकस एक-एक करोड़ रुपये के इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा और असीम मंडल पर है. आशंका है कि दोनों अब भी सारंडा के जंगलों में छिपे हुए हैं.