Seraikela: सरायकेला खरसावां जिले में रबी फसल की तैयारी के बीच जिले के किसानों ने उर्वरक की बढ़ी कीमतों को लेकर नाराजगी जताई है। किसानों का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा तय दरों के बावजूद कई क्षेत्रों में यूरिया और डीएपी खाद अधिक कीमत पर बेची जा रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है।
सरकारी दर और बाजार कीमत में बड़ा अंतर
किसानों के अनुसार, सरकारी दर के मुताबिक 45 किलोग्राम यूरिया की बोरी 266.50 रूपए और 50 किलोग्राम डीएपी की बोरी 1350 रूपए में उपलब्ध होनी चाहिए। लेकिन जिले के कई इलाकों में यूरिया 540 प्रति बोरी और डीएपी 2000 से 2500 रूपए तक की कीमत में बेचे जाने का आरोप लगाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने के कारण छोटे और गरीब किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
कृषि पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
उर्वरक की कथित कालाबाजारी को रोकने की मांग को लेकर किसानों ने जिला कृषि पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई करने और दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने की मांग की है।
दुकानों के बाहर रेट बोर्ड लगाने की मांग
किसानों ने जिले की सभी उर्वरक दुकानों के बाहर सरकारी दरों की सूची लगाने और शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे किसानों को सही कीमत की जानकारी मिलेगी और मनमानी वसूली पर रोक लग सकेगी। इस दौरान राहुल देव महतो, हरीश कुमार, आस्तिक महतो, मनसा, सुजीत कुमार, पोलटू महतो सहित कई किसान मौजूद थे।