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  • 2026-07-30

Aaj Ka Panchang: श्रावण मास की शुरुआत आयुष्मान योग में, जानिए आज का पंचांग और शिव पूजा का श्रेष्ठ समय

Aaj Ka Panchang: श्रावण मास का पहला दिन भगवान शिव की पूजा के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। आज, 30 जुलाई 2026, गुरुवार को कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि, श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग का विशेष संयोग बन रहा है। यदि आप कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, घर में प्रवेश करना चाहते हैं, निवेश करना चाहते हैं या कोई अन्य शुभ कार्य करना चाहते हैं, तो शुभ समय और राहुकाल की जानकारी जरूर देख लें।



30 जुलाई 2026 का पंचांग कुछ इस प्रकार है:-

तिथि: कृष्ण पक्ष प्रतिपदा रात 09:30 बजे तक, उसके बाद द्वितीया तिथि शुरू होगी।

योग: आयुष्मान योग मध्यरात्रि 12:05 बजे (31 जुलाई) तक, उसके बाद सौभाग्य योग।

करण: बालव प्रातः 08:50 बजे तक। उसके बाद कौलव रात 09:30 बजे तक, फिर तैतिल करण।

सूर्योदय और चंद्रमा का समय कुछ इस प्रकार है:-

सूर्योदय: प्रातः 05:41 बजे।

सूर्यास्त: सायं 07:14 बजे।

चंद्रोदय: सायं 07:55 बजे।

चंद्रास्त: 31 जुलाई प्रातः 06:01 बजे।

सूर्य और चंद्रमा की राशि की बात की जाए, तो:

सूर्य: कर्क राशि में।

चंद्रमा: मकर राशि में।

आज के शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार हैं:-

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक।

अमृत काल: प्रातः 06:24 बजे से 08:09 बजे तक।

आज का राहुकाल और अन्य अशुभ समय कुछ इस प्रकार है:-

राहुकाल: दोपहर 02:09 बजे से 03:50 बजे तक।

गुलिकाल: प्रातः 09:04 बजे से 10:46 बजे तक।

यमगण्ड: प्रातः 05:41 बजे से 07:23 बजे तक।

मान्यता है कि राहुकाल के दौरान नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

आज का नक्षत्र श्रवण नक्षत्र है, जो सायं 05:43 बजे तक रहेगा। इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा।

नक्षत्र स्वामी: चंद्रदेव।

राशि स्वामी: शनिदेव।

देवता: भगवान विष्णु।

प्रतीक: कान।

श्रवण नक्षत्र का महत्व ज्योतिष शास्त्र में ज्ञान, सीखने की क्षमता और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग जिज्ञासु, बुद्धिमान, गंभीर और अच्छे श्रोता माने जाते हैं। साथ ही इनमें नई चीजें सीखने की इच्छा प्रबल रहती है।

श्रावण मास का धार्मिक महत्व भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवलिंग का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस महीने में श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव आराधना शुभ फलदायी मानी जाती है।
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