Giridih News: गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही करीब 5 करोड़ की सड़क विवादों में आ गई है. ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और निम्न गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए काम रुकवा दिया. विभाग ने शिकायत के बाद जांच का भरोसा दिया है.
निर्माण कार्य के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन
बिरनी प्रखंड के खरखरी गांव में बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क निर्माण स्थल पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है.
घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि गार्डवाल निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता वाले पत्थरों की जगह कमजोर और सफेद बोल्डर का उपयोग किया जा रहा है. उनका दावा है कि इससे सड़क और गार्डवाल की मजबूती प्रभावित हो सकती है.
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क के किनारों पर निर्धारित गहराई तक खुदाई नहीं की जा रही है. उनके अनुसार, जहां करीब दो फीट खुदाई होनी चाहिए, वहां केवल लगभग आठ इंच तक ही खुदाई की जा रही है.
तीन महीने से शिकायत का दावा
माले नेता फुलेंद्र राय समेत कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में कथित गड़बड़ियों की शिकायत पिछले तीन महीने से संबंधित अधिकारियों को दी जा रही है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने वाले कुछ ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है. हालांकि, इस आरोप पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
जांच नहीं हुई तो उपायुक्त से करेंगे शिकायत
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सूचना देने के बावजूद विभाग के अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचे. उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक गुणवत्ता के अनुरूप निर्माण नहीं होगा, तब तक सड़क निर्माण दोबारा शुरू नहीं होने दिया जाएगा. ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे उपायुक्त से शिकायत कर उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे.
विभाग ने जांच का दिया आश्वासन
कनीय अभियंता शमशाद ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है. उन्होंने कहा कि ठेकेदार को फिलहाल निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय टीम जल्द मौके का निरीक्षण करेगी. यदि जांच में घटिया सामग्री या तकनीकी मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित सामग्री हटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.