Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। स्टार लॉन्ग जंप खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश को 13वां मेडल दिलाया। ग्लासगो के स्कॉटस्टन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में वह स्वर्ण पदक से महज 6 सेंटीमीटर से चूक गए।
8.09 मीटर की छलांग से जीता सिल्वर
मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता। फाइनल मुकाबले में मुरली श्रीशंकर ने अपने दूसरे प्रयास में 8.09 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। इस प्रदर्शन के दम पर वह कुछ समय के लिए शीर्ष स्थान पर पहुंच गए थे। हालांकि, जमैका के टेजे गेल ने 8.15 मीटर की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल कर लिया। मुरली श्रीशंकर ने आखिरी दो प्रयासों में पूरी कोशिश की, लेकिन वह गेल की दूरी को पार नहीं कर सके।
फाइनल में रहा कड़ा मुकाबला
फाइनल में कड़ा मुकाबला रहा। मुरली श्रीशंकर ने प्रतियोगिता की शुरुआत 8.02 मीटर की छलांग से की थी। दूसरे प्रयास में उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार किया, जबकि बीच के दो प्रयास फाउल रहे। इसके बावजूद वह अंतिम दौर तक स्वर्ण पदक की दौड़ में बने रहे।
मुरली श्रीशंकर ने लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता है। इससे पहले बर्मिंघम 2022 में भी उन्होंने 8.08 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता था। वह कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में लगातार दो संस्करणों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
चोट से वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन
मुरली श्रीशंकर ने चोट से वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले करीब दो वर्षों में चोट के कारण वह कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं खेल पाए थे। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स उनके लिए शानदार वापसी का मंच साबित हुआ। उन्होंने क्वालिफाइंग राउंड में पहले ही प्रयास में फाइनल में जगह बनाई और फाइनल में भी दमदार प्रदर्शन किया।
लोकेश सत्यनाथन पांचवें स्थान पर रहे
लोकेश सत्यनाथन पांचवें स्थान पर रहे। भारत के दूसरे खिलाड़ी लोकेश सत्यनाथन ने भी पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में हिस्सा लिया। उन्होंने 7.97 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई, लेकिन पदक की दौड़ में जगह नहीं बना सके और पांचवें स्थान पर रहे।
भारत के खाते में 13वां पदक
मुरली श्रीशंकर के सिल्वर मेडल के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 13 हो गई है। उनका यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए भी उम्मीदें बढ़ गई हैं।