Jharkhand News: झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के मामले में आरोपी विषम कुमार को झारखंड हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली है। उन पर आरोप है कि वे प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने वाले सॉल्वर गिरोह से जुड़े हुए थे। इससे पहले, निचली अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
हाईकोर्ट से मिली राहत
निचली अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद, विषम कुमार ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया था। सुनवाई के बाद, हाईकोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। मामले में उनके खिलाफ जांच जारी है।
मास्टरमाइंड समेत कई आरोपी जेल में
इस मामले में कथित मास्टरमाइंड अतुल वत्स समेत विकास कुमार, आशीष कुमार, मुकेश कुमार और बिहार से गिरफ्तार तीन अन्य आरोपियों सहित सात लोग न्यायिक हिरासत में हैं। इनके अलावा, पांच अभ्यर्थी भी जेल में बंद हैं।
पुलिस की छापेमारी से खुलासा
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा 13 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित थी। पुलिस के अनुसार, परीक्षा से एक दिन पहले 12 अप्रैल की रात तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित एक निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में अभ्यर्थियों को कथित तौर पर उत्तर याद कराए जा रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी कर कुल 166 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें कथित सरगना, गिरोह के सदस्य, महिला आरोपी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल थे।
ग्रामीणों की सूचना से मामला सामने आया
प्रारंभिक जांच के अनुसार, निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने पर स्थानीय ग्रामीणों को संदेह हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद छापेमारी में कथित भर्ती घोटाले का खुलासा हुआ।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि अभ्यर्थियों से परीक्षा से पहले और चयन के बाद रकम लेने की योजना बनाई गई थी। हालांकि इन आरोपों की जांच जारी है और मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।