Jamshedpur: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने महिला कांग्रेस द्वारा उनके खिलाफ प्रस्तावित आंदोलन वापस लेने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह महिला कांग्रेस और मेयर सुधा गुप्ता के बीच का मामला है। आंदोलन करना या वापस लेना उनका आपसी निर्णय है और इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
सरयू राय ने कहा कि मानगो नगर निगम कार्यालय के सामने भ्रष्टाचार विरोधी धरने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मेयर सुधा गुप्ता को लेकर की गई उनकी टिप्पणी को यदि महिला कांग्रेस अभद्र मानती है, तो यह उनकी सोच और समझ का विषय है।
उन्होंने कहा कि वह इंतजार कर रहे थे कि महिला कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेगी, क्योंकि इससे उन्हें भी पिछले दो-तीन वर्षों के कई मामलों को सामने रखने का मौका मिलता। उन्होंने कहा कि तब जनता भी यह तय कर पाती कि उनकी टिप्पणी अभद्र थी या फिर कांग्रेस नेताओं और पूर्व मंत्री द्वारा उनके खिलाफ की गई टिप्पणियां ज्यादा आपत्तिजनक थीं।
पुराने मामलों का जिक्र कर कांग्रेस पर साधा निशाना
सरयू राय ने कहा कि आंदोलन के दौरान वह उन मामलों को भी जनता के सामने रखते, जिनमें महिलाओं को लेकर बयानबाजी और विवाद सामने आए थे। उन्होंने बिष्टुपुर थाना में दर्ज एक पुराने वायरल वीडियो मामले का जिक्र करते हुए कहा कि तीन साल पहले इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी, लेकिन अब तक जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस अब तक इस मामले में एफएसएल रिपोर्ट की जानकारी क्यों नहीं दे सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से जुड़े मामलों में पुलिस और अभियोजन पक्ष तेजी से कार्रवाई करते हैं, लेकिन इस मामले में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई गई।
"आरोप लगाने वालों को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए"
सरयू राय ने कहा कि जो लोग उन पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले अपने आचरण की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आसमान की ओर थूकने वालों का अपना चेहरा ही गंदा होता है।
उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस आंदोलन करे या वापस ले, यह उनका आंतरिक विषय है। उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है और वह अपने मुद्दों पर आगे भी अपनी बात रखते रहेंगे।