Bharat Bhushan Tiwari Case: बिहार के भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार मामले की पड़ताल में जुटी जांच एजेंसियों ने पहली गोली चलाने के आरोपी स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. तकनीकी सबूतों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर की गई इस कार्रवाई को बेहद अहम माना जा रहा है.
जांच में सहयोग न करने पर हुई गिरफ्तारी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसियों ने गुरुवार देर रात एसटीएफ जवान को हिरासत में लिया. बताया जा रहा है कि आरोपी जवान को पूछताछ के लिए कई बार बुलाया गया था, लेकिन वह बार-बार बचता रहा और जांच में टालमटोल करता रहा. जब उसने जांच में सहयोग नहीं किया, तो एजेंसियों ने सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन पता की और उसे गिरफ्तार कर लिया.
सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद तेज हुई कार्रवाई
भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी. परिवार ने सीएम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी. मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद जांच में तेजी आई है. परिजनों का मानना है कि एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी से उन्हें अब न्याय की उम्मीद जगी है.
मृतक के भाई का गंभीर आरोप
मृतक के भाई चंदन तिवारी ने जवान की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर गंभीर आरोप दोहराए हैं. उनका दावा है कि उन्होंने खुद आरोपी जवान अक्षय कुमार को पहली गोली चलाते देखा था. चंदन तिवारी का कहना है कि भरत भूषण ने अपना हथियार फेंककर सरेंडर कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उस पर गोली चलाई गई. हालांकि पुलिस और जांच एजेंसियों का कहना है कि इन दावों की असली सच्चाई पूरी जांच होने के बाद ही साफ हो पाएगी.
क्या था पूरा मामला? 17 जून को हुई थी घटना
यह पूरा मामला 17 जून का है, जब भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में एसटीएफ की टीम ने एक ऑपरेशन चलाया था. इस दौरान हुई मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद से ही पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे थे और परिजन लगातार इसे फर्जी एनकाउंटर बताकर जांच की मांग कर रहे थे.
अन्य जवानों की भूमिका की भी जांच जारी
जांच एजेंसियां अब गिरफ्तार जवान से आमने सामने बैठाकर पूछताछ करेंगी. इसके साथ ही घटना के समय मौके पर मौजूद अन्य अधिकारियों और जवानों की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है. पुलिस यह भी जांच रही है कि एनकाउंटर के दौरान तय नियमों का पालन किया गया था या नहीं. फिलहाल मामले के हर पहलू से जांच जारी है.