Tata Steel Q1 Results: टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में मंजूरी के बाद कंपनी ने शेयर बाजार को सूचित किया कि वैश्विक चुनौतियों और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारतीय बाजार में मिली मजबूत मांग के दम पर समूह के मुनाफे और राजस्व दोनों में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
समूह का शुद्ध लाभ बढ़कर 2,385 करोड़ दर्ज , राजस्व में भी बड़ा उछाल
पहली तिमाही के दौरान टाटा स्टील समूह का कुल राजस्व बढ़कर 60,794 करोड़ पर पहुंच गया, जो बीते वर्ष की समान तिमाही में 53,178 करोड़ था। कंपनी का परिचालन लाभ (EBITDA) पिछले साल के 7,480 करोड़ से बढ़कर 9,370 करोड़ हो गया। वहीं, सभी देनदारियों के बाद समूह का शुद्ध लाभ (PAT) 2,385 करोड़ दर्ज किया गया, जिसमें सालाना आधार पर लगभग 19% की वृद्धि हुई है।
उत्पादन और स्टील डिलीवरी में सुधार, भारतीय कारोबार बना रीढ़
अप्रैल से जून 2026 के बीच टाटा स्टील समूह का कुल इस्पात उत्पादन 7.69 मिलियन टन रहा, जबकि कुल डिलीवरी 7.27 मिलियन टन दर्ज की गई। इस प्रदर्शन में सबसे बड़ी भूमिका घरेलू बाजार की रही, जहां भारत में इस्पात उत्पादन बढ़कर 5.76 मिलियन टन और डिलीवरी 5.17 मिलियन टन पहुंच गई। भारतीय परिचालन से कंपनी का राजस्व ₹36,989 करोड़ और शुद्ध लाभ बढ़कर 4,668 करोड़ रहा।
नीलाचल इस्पात के विस्तार के लिए 33,873 करोड़ के निवेश को हरी झंडी
निदेशक मंडल ने ओडिशा स्थित नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (NINL) की क्षमता विस्तार परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 33,873 करोड़ के बड़े निवेश से संयंत्र की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 4.8 मिलियन टन प्रतिवर्ष किया जाएगा। यह कदम कंपनी की दीर्घकालिक रणनीतिक विस्तार योजना का अहम हिस्सा है।
ऑटो, ब्रांडेड स्टील और डिजिटल प्लेटफॉर्म "आशियाना" की दमदार ग्रोथ
ऑटोमोटिव और स्पेशल प्रोडक्ट्स सेगमेंट में हाई-एंड स्टील उत्पादों की बिक्री में 21% की ग्रोथ देखी गई, जबकि प्रमुख ब्रांड “टाटा टिस्कोन” और “टाटा स्टीलियम” की बिक्री में 30% से अधिक का उछाल आया। इसके अलावा कंपनी के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म "आशियाना" और "डिजी-ईसीए" ने 61% की वृद्धि के साथ 2,200 करोड़ का जीएमवी (GMV) हासिल किया।
चुनौतियों के बीच सुधरा प्रदर्शन- टीवी नरेंद्रन
टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टीवी नरेंद्रन ने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव, पश्चिम एशिया के हालात और आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं के बावजूद कंपनी ने लगातार तीसरी तिमाही में प्रति टन परिचालन लाभ में सुधार किया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में लागू सेफगार्ड उपायों और नीदरलैंड्स में तकनीकी सुधारों के जरिए वैश्विक परिचालन को भी स्थिर किया जा रहा है, जबकि शिपबिल्डिंग और डेटा सेंटर जैसे नए क्षेत्रों में कंपनी अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रही है।