Ranchi News : जेपीएससी (JPSC), जेएसएससी (JSSC) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्रों का सत्याग्रह शुक्रवार को विवादों में घिर गया। आंदोलन के सातवें दिन कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के मंच पर पहुंचने और संबोधित करने की कोशिश के बाद छात्रों ने इसका विरोध किया। इस दौरान धक्का-मुक्की और हंगामे जैसी स्थिति बन गई, जिसके बाद आंदोलनकारी छात्र मंच छोड़कर भारी बारिश के बीच खुले मैदान में धरने पर बैठ गए।
छात्रों ने स्पष्ट कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और किसी भी राजनीतिक दल को आंदोलन के मंच का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि जब तक मंच से राजनीतिक लोगों को नहीं हटाया जाएगा, तब तक वे मंच पर वापस नहीं लौटेंगे।
छात्रों का कहना है कि आंदोलन में शामिल सभी छात्र एकजुट हैं और जो विवाद हुआ, वह छात्रों के बीच नहीं बल्कि राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की मौजूदगी के कारण उत्पन्न हुआ। आंदोलनकारियों ने दोहराया कि उनकी लड़ाई केवल निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ है, किसी भी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध के लिए नहीं।
मुख्यमंत्री से वार्ता की मांग, आंदोलन के राजनीतिकरण का किया विरोध
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में JPSC, JSSC और सिपाही भर्ती समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करना, भर्ती प्रक्रिया से भ्रष्टाचार समाप्त करना तथा मुख्यमंत्री से स्वयं आकर चार सूत्री मांगों पर बातचीत करना शामिल है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व और कथित राजनीतिक लोग शांतिपूर्ण आंदोलन का माहौल बिगाड़ने और उसका श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे झारखंड मुक्ति मोर्चा, भारतीय जनता पार्टी, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा या कोई अन्य दल हो, किसी को भी आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों और समर्थकों ने भी कहा कि छात्र सीमित संसाधनों में कई दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना था कि यदि कोई राजनीतिक दल नैतिक समर्थन देना चाहता है तो उसका स्वागत है, लेकिन आंदोलन के मंच और छात्रों द्वारा तय नियमों का सम्मान किया जाना चाहिए।
छात्रों ने प्रशासन से आंदोलन में व्यवधान डालने वाले लोगों की पहचान कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने दोहराया कि मांगें पूरी होने तक उनका सत्याग्रह शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा।