कीमत को लेकर आकलन में अंतर
बरामद की गई नशीली खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत को लेकर अलग-अलग आकलन सामने आए हैं. स्थानीय पुलिस के अनुसार जब्त ड्रग्स का बाजार मूल्य लगभग 12.5 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ, अपराध अनुसंधान विभाग (CID) के प्राथमिक आकलन के मुताबिक इसकी अनुमानित कीमत करीब 7.5 करोड़ रुपये के आसपास है.
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही यह गुप्त इनपुट मिला था कि मणिपुर के काकचिंग क्षेत्र से नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप वाहन के जरिए निचले असम की ओर भेजी जा रही है. सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए STF और कामरूप पुलिस ने अमीनगांव के पास रणनीतिक नाकेबंदी की. जैसे ही संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा, उसे घेरकर रोक लिया गया. गहन तलाशी के दौरान वाहन के अंदर बनाए गए विशेष गुप्त खानों से नशीले पदार्थ की यह बड़ी खेप बरामद हुई.
मणिपुर के रहने वाले हैं तीनों गिरफ्तार तस्कर
पुलिस ने मौके से ही वाहन सवार तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया. पूछताछ के बाद पुलिस ने जिनकी पहचान उजागर की है, उनमें 24 वर्षीय ताबिश, 41 वर्षीय थेकचम अविनाश सिंह और 38 वर्षीय नोंगमैथेम बिस्वजीत शामिल हैं. ये तीनों आरोपी मणिपुर के बताए जा रहे हैं. तलाशी में करीब 5 किलोग्राम वजन वाली 50 हजार याबा गोलियां और 5 साबुनदानियों में छुपाकर रखी गई 67.5 ग्राम हेरोइन बरामद की गई.
सिंडिकेट के नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है. जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि मणिपुर से लाई गई यह सप्लाई असम में किसे डिलीवर होनी थी और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों की भी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है.