Jharkhand: पवित्र सावन महीने की पहली सोमवारी पर पूरा झारखंड भगवान शिव की भक्ति और अगाध आस्था के रंग में रंगा नजर आया। विश्व प्रसिद्ध देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम से लेकर राजधानी रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर तक, राज्य के तमाम प्रमुख शिवालयों में तड़के से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे मंदिर परिसर और आसपास के रास्ते "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "जय भोलेनाथ" के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहे। श्रद्धालुओं ने पूर्ण विधि-विधान से भगवान आशुतोष का जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, मदार और फूलों से जलाभिषेक कर अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों और कांवड़ियों को दी शुभकामनाएं
सावन की पहली सोमवारी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समस्त राज्यवासियों सहित देश-विदेश से झारखंड पहुंच रहे लाखों शिवभक्तों और कांवड़ियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देवघर के बाबा बैद्यनाथ से राज्य की उन्नति और सभी नागरिकों के जीवन में खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर, बासुकीनाथ (दुमका) और राजधानी रांची समेत राज्य के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुगम दर्शन-पूजन के लिए राज्य सरकार व जिला प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी भक्त को कोई असुविधा न हो।
रांची के पहाड़ी मंदिर में तड़के से लगीं लंबी कतारें
राजधानी रांची स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में सावन की पहली सोमवारी का विशेष उत्साह देखने को मिला। तड़के कपाट खुलते ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बाबा का दर्शन करने पहुंचे। हाथों में गंगाजल, बेलपत्र और पूजा की थाली लिए बच्चों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों का उत्साह देखते ही बन रहा था। भीड़ की अत्यधिक संख्या को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन और प्रशासन द्वारा सुगम दर्शन के लिए "अर्घा व्यवस्था" लागू की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं ने बिना किसी बाधा के जलाभिषेक किया।
कड़े सुरक्षा घेरे में प्रशासन, सीसीटीवी निगरानी और अलग-अलग कतारें
पहाड़ी मंदिर और अन्य प्रमुख शिव धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग और रास्ते बनाए गए थे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक कतारों की व्यवस्था की गई थी। भीड़ नियंत्रण और मार्गदर्शन के लिए जगह-जगह एनसीसी, स्काउट एंड गाइड के स्वयंसेवक और पुलिस बल तैनात थे। पूरे मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और ड्रोन से पैनी नजर रखी जा रही थी।
देवघर बाबा बैद्यनाथ धाम और राज्यभर के शिवालयों में उमड़ा जनसैलाब
सावन की पहली सोमवारी पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में भी आस्था का महासंगम देखने को मिला। सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर आए लाखों कांवड़ियों ने बाबा का जलाभिषेक किया। इसके अलावा रांची के आम्रेश्वर धाम, धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर शिव मंदिर सहित राज्य के कोने-कोने में स्थित छोटे-बड़े सभी शिवालयों में दिनभर आध्यात्मिक ऊर्जा, अटूट विश्वास और भक्ति का अनुपम माहौल बना रहा।