Koderma IB Operation: झारखंड के कोडरमा जिले में खुफिया एजेंसियों और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर पांच लोगों को हिरासत में लिया है. इन सभी पर सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर आतंकी से जुड़ा वीडियो साझा कर मुस्लिम युवाओं को देश और अन्य धर्मों के खिलाफ भड़काने का आरोप है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी देने से फिलहाल इनकार किया है.
गौरतलब है कि यह कार्रवाई सोमवार को सतगावां थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में की गई. बताया जा रहा है कि भारतीय खुफिया एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने इसकी जानकारी कोडरमा के पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष को दी. सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया.
रविवार देर रात आईबी और कोडरमा पुलिस की संयुक्त टीम ने माधोपुर गांव में छापेमारी कर पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया. सभी हिरासत में लिए गए लोग इसी गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
यह लोग लिए गए हिरासत में
हिरासत में लिए गए लोगों में मो.अरशद महफूज (पिता जहांगीर आलम), मो जहांगीर आलम पिता स्व. जमाल, मो. शहादत हुसैन पिता स्व. रहमत मिया, मो. शाहिल, पिता मो आजम,समशेर आलम, पिता मो. अमजद के शामिल हैं.
जांच एजेंसियां हिरासत में लिए गए लोगों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की गहन जांच कर रही हैं. पूछताछ के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वे किन लोगों के संपर्क में थे, कथित आपत्तिजनक वीडियो या सामग्री कहां से प्राप्त हुई और उसे किस उद्देश्य से सोशल मीडिया पर साझा किया गया.
हालांकि, पुलिस और आईबी की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी. इस कार्रवाई के बाद माधोपुर गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में दिनभर इस मामले को लेकर चर्चाओं का माहौल बना रहा. पुलिस का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जा रहा है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
आतंकी कनेक्शन में दूसरी बार कोडरमा का नाम आया सामने
30 जुलाई 2025 को कोडरमा का नाम पहली बार आतंकी कनेक्शन के मामले में उस समय चर्चा में आया था, जब गुजरात एटीएस ने बेंगलुरु से झुमरीतिलैया के असनाबाद निवासी शमा परवीन को गिरफ्तार किया था. शमा पर सोशल मीडिया के माध्यम से कथित आतंकी संगठन से जुड़े होने और गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप लगे थे. मामले की सूचना मिलने के बाद तिलैया थाना पुलिस ने भी उसके पैतृक आवास पहुंचकर परिजनों से पूछताछ की थी.