Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भैयाजी जोशी ने ट्रस्ट के संरक्षक पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे की वजह स्वास्थ्य संबंधी कारण बताई गई है, और ट्रस्ट ने उनका अनुरोध स्वीकार करते हुए उन्हें इस दायित्व से मुक्त कर दिया है.
संरक्षक की भूमिका में भैयाजी जोशी का दायित्व संगठनात्मक समन्वय, मार्गदर्शन और सलाह देने से जुड़ा था. यह पद दैनिक प्रशासनिक कार्यों से अलग माना जाता है, लेकिन ट्रस्ट की गतिविधियों की निगरानी और आवश्यक दिशा-निर्देश देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है.
जमीन खरीद विवाद के बाद मिली थी जिम्मेदारी
भैयाजी जोशी को यह जिम्मेदारी जमीन खरीद विवाद के बाद सौंपी गई थी, जब राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और समन्वित बनाने के उद्देश्य से उन्हें संरक्षक बनाया गया था. उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए उन्हें इस भूमिका के लिए उपयुक्त माना गया था.
भैयाजी जोशी समय-समय पर ट्रस्ट की बैठकों में भाग लेते रहे, लेकिन उनकी सार्वजनिक उपस्थिति सीमित रही. उनकी भूमिका मुख्य रूप से आंतरिक समन्वय और संगठनात्मक मार्गदर्शन तक ही केंद्रित रही.
चर्चाओं पर नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि
ट्रस्ट ने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि भैयाजी जोशी ने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. जिसके बाद ट्रस्ट ने इस बदलाव को नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है.
भैयाजी जोशी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं और उन्होंने लंबे समय तक संघ और भारतीय जनता पार्टी के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई. ट्रस्ट के संरक्षक पद से इस्तीफे के साथ उनका यह संगठनात्मक दायित्व भी समाप्त हो गया है.