Ram Mandir Trust : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि और बहुमूल्य गहनों को लेकर उठे विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पारदर्शिता को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. ट्रस्ट ने बैंक लॉकरों में सुरक्षित रखे सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य कीमती सामानों की व्यापक वीडियोग्राफी पूरी कर ली है. इसके साथ ही, इन सभी उपहारों का एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिसे ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की योजना है. यदि इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो देश-दुनिया के श्रद्धालु सीधे ऑनलाइन माध्यम से मंदिर में अर्पित आभूषणों की स्थिति देख सकेंगे.
विवाद और अफवाहों पर विराम लगाने की कवायद
हाल के दिनों में राम मंदिर के चढ़ावे और श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए आभूषणों के रखरखाव को लेकर कई तरह की अफवाहें सामने आई थीं. कुछ हलकों से कीमती सामान के गायब होने या गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी. हालांकि ट्रस्ट ने शुरुआत में ही इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया था. इसके बावजूद जनमानस में पारदर्शिता बनाए रखने और भविष्य में उठने वाले किसी भी विवाद की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से ट्रस्ट ने यह डिजिटल रिकॉर्ड बनाने की पहल की है.
SBI बैंक लॉकर में घंटों चली रिकॉर्डिंग और समीक्षा
जानकारी के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अयोध्या शाखा में स्थित ट्रस्ट के लॉकर में रखे सभी सोने-चांदी के सामानों की कई दिनों तक लगातार वीडियोग्राफी की गई. इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और हस्ताक्षरी जगदीश आफले ने की. इस दौरान लेखाकार चंदन राय के साथ एसबीआई के स्थानीय और क्षेत्रीय अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे. प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए बैंक खातों और लिखित दस्तावेजों की भी गहन समीक्षा की गई है.
हर एक आभूषण का अलग वीडियो, जल्द वेबसाइट पर होगा अपलोड
ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों की माने तो लॉकर में मौजूद प्रत्येक आभूषण और बहुमूल्य वस्तु का पृथक (इंडिविजुअल) वीडियो तैयार किया गया है. इसका प्राथमिक उद्देश्य पूरी संपत्ति का एक प्रामाणिक डिजिटल आर्काइव बनाना है. जैसे ही बोर्ड से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, इन सभी वीडियो और रिकॉर्ड्स को आम जनता के लिए वेबसाइट पर प्रदर्शित कर दिया जाएगा, जिससे भक्त स्वयं देख सकें कि उनका चढ़ाया गया एक-एक आभूषण पूरी तरह सुरक्षित है.
आगामी बैठक में लगेगा अंतिम फैसला
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आगामी बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से विचार-विमर्श होने की संभावना है. बैठक के दौरान डेटा को ऑनलाइन प्रदर्शित करने के तकनीकी पहलुओं, सुरक्षा मानकों और वेबसाइट एकीकरण पर चर्चा की जाएगी. इसके बाद ही योजना के क्रियान्वयन की अंतिम समय-सीमा तय होगी.
देश के अन्य धार्मिक ट्रस्टों के लिए बनेगी मिसाल
धार्मिक और प्रबंधकीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि राम मंदिर ट्रस्ट की यह पहल भारतीय धार्मिक परिसरों के प्रबंधन में एक नया अध्याय जोड़ेगी. सार्वजनिक रूप से चढ़ावे का विवरण प्रस्तुत करने से न केवल श्रद्धालुओं का विश्वास सुदृढ़ होगा, बल्कि यह देश के अन्य प्रमुख मंदिरों और धार्मिक न्यासों के लिए भी पारदर्शिता का एक अनुकरणीय मॉडल स्थापित करेगा.