Ranchi Dam Encroachment: रांची के धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम की अधिग्रहित जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर चल रही सुनवाई में झारखंड हाईकोर्ट के समक्ष राज्य सरकार ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि तीनों डैम परियोजनाओं से संबंधित अतिक्रमण का ब्यौरा कोर्ट में दाखिल किया जा चुका है.
सरकार की ओर से अधिवक्ता शाहबाज अख्तर ने अदालत को रिपोर्ट दाखिल किए जाने की जानकारी दी. हालांकि, अदालत द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी ने कहा कि उन्हें अब तक इस रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है. इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि रिपोर्ट की कॉपी तत्काल एमिकस क्यूरी को दी जाए, ताकि उसका अध्ययन कर वे अपना पक्ष अदालत के समक्ष रख सकें. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की है.
इससे पहले अदालत को बताया गया था कि तीनों डैम और उनसे जुड़े जलाशयों की जमीन से संबंधित सभी अभिलेख और अतिक्रमण का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर रांची के उपायुक्त की विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल की जानी थी.
सुनवाई के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच का भी जिक्र हुआ. एसीबी ने धुर्वा डैम परियोजना की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर अपनी सीलबंद जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की थी. जांच एजेंसी ने बताया कि हाईकोर्ट के 7 जनवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में नगड़ी थाना कांड संख्या 21/2026 दर्ज किया गया था और उसी आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है.
गौरतलब है कि हाईकोर्ट पहले ही रांची के उपायुक्त को निर्देश दे चुका है कि धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित पूरी भूमि का रिकॉर्ड, नक्शा, सर्वे नंबर, अतिक्रमण की स्थिति और उसे हटाने के लिए अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत शपथपत्र अदालत में प्रस्तुत किया जाए.