Rahul Gandhi Residence Protest: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दिल्ली स्थित सरकारी आवास के बाहर शुक्रवार को अचानक राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई. यहाँ संतों और कुछ महिला कार्यकर्ताओं के एक दल ने बिना पूर्व अनुमति के विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की. जैसे ही सुरक्षाकर्मियों को इस बात की भनक लगी, इलाके में मुस्तैद दिल्ली पुलिस के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कम से कम आठ प्रदर्शनकारियों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया.
हाई-सिक्योरिटी जोन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राहुल गांधी का निवास स्थान नई दिल्ली के अति-संवेदनशील और लुटियंस दिल्ली के हाई-सिक्योरिटी इलाके में आता है. इस पूरे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 और धारा 163 जैसी सख्त पाबंदियां पहले से लागू रहती हैं. इन तमाम बंदिशों के बावजूद साधु-संतों और महिलाओं का यह समूह अचानक वहां जमा हो गया और नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
वैन में बैठाते वक्त महिला प्रदर्शनकारी ने उगला गुस्सा
हिरासत में लेकर पुलिस वैन में ले जाए जाने के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी का भारी आक्रोश देखने को मिला. उसने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि उसने सालों तक पार्टी संगठन के लिए निष्ठा से काम किया है, लेकिन अब उसे और उसकी आवाज को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है. हालांकि, इस प्रदर्शन के पीछे असल वजह क्या थी, इसे लेकर पुलिस या प्रशासन की तरफ से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
इलाके में शांति बहाल, योजनाबद्ध साजिश या निजी नाराजगी की जांच
दिल्ली पुलिस की टीम ने बिना देर किए सभी आठों प्रदर्शनकारियों को अपनी गाड़ियों में बैठाकर इलाके से दूर भेज दिया, जिससे स्थिति ज्यादा बिगड़ने न पाए. पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कराने और वीवीआईपी इलाके में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए की गई. फिलहाल मौके पर हालात पूरी तरह सामान्य हैं. पुलिस अब इस बात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि यह प्रदर्शन किसी सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा था या फिर व्यक्तिगत असंतोष का नतीजा.