Ranchi News : JPSC और JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार की ओर से विभिन्न छात्र संगठनों से बातचीत का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने NSUI के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर छात्रों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
NSUI ने सरकार के सामने रखा मांग पत्र
बैठक के बाद सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि आंदोलन से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत की जा रही है। इसी क्रम में NSUI के प्रतिनिधियों से भी उनकी राय ली गई है। उन्होंने कहा कि NSUI की मांगें जायज हैं और इन मुद्दों पर मुख्यमंत्री की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है। वहीं कुमार राजा ने बताया कि छात्रों से बातचीत के बाद उनकी मांगों को मांग पत्र के रूप में सरकार के सामने रखा गया है। छात्रों की सबसे प्रमुख मांग 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की है।
90 दिनों में जांच और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
छात्रों ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने के साथ ही 90 दिनों के भीतर CID और SIT से जांच कराने तथा जांच की प्रगति को सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके अलावा JPSC और JSSC की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए हर वर्ष परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग भी की गई है। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों की मूल वजह को खत्म करने के लिए ठोस व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने की मांग
कुमार राजा ने कहा कि छात्रों की मांग केवल 14वीं JPSC परीक्षा तक सीमित नहीं है। छात्र पूरी भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहते हैं। छात्रों का मानना है कि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी की एक बड़ी वजह आउटसोर्सिंग व्यवस्था भी है। इसलिए भर्ती परीक्षाओं में आउटसोर्सिंग को खत्म कर ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है, जिसमें परीक्षा संचालन पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह हो।