JPSC-JSSC Controversy: JPSC-JSSC समेत भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर पुलिस की कार्रवाई के बाद भाजपा ने राज्य सरकार पर हमला बोला है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर हेमंत सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि सरकार पुलिस बल के जरिए युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया और परीक्षाओं की CBI जांच कराने की मांग दोहराई.
टेंट से लाठीचार्ज तक सरकार पर निशाना
आदित्य साहू ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र निहत्थे हैं, ऐसे में उन पर पुलिस की कार्रवाई उचित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान पहले छात्रों को बारिश के बीच टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गई, इसके बाद वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और अब लाठीचार्ज किया गया. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़ा करता है.
कांग्रेस से समर्थन वापस लेने की मांग
आदित्य साहू ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और घेराव करती है, लेकिन झारखंड में छात्रों पर हो रही कार्रवाई को लेकर पार्टी की ओर से कोई ठोस विरोध नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी से मांग की कि यदि वे छात्रों की मांगों के पक्ष में हैं, तो राज्य सरकार पर दबाव बनाकर परीक्षाओं की CBI जांच की अनुशंसा कराएं. भाजपा नेता ने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस ऐसा नहीं कर सकती, तो उसे झामुमो नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए.
सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग
भाजपा के मुताबिक छात्रों की मुख्य मांग JPSC और JSSC समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच है. आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों की मांगों में परीक्षा प्रक्रिया की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और दोषियों को सजा दिलाना शामिल है. उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी और CBI जांच की मांग स्वीकार नहीं किए जाने पर राज्य सरकार के खिलाफ संघर्ष और तेज किया जाएगा
JPSC, JSSC और अन्य भर्तियों का मुद्दा उठाया
आदित्य साहू ने राज्य में पिछले वर्षों के दौरान हुई विभिन्न भर्ती परीक्षाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने JPSC, JSSC CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती समेत कई परीक्षाओं को लेकर सामने आए विवादों का हवाला दिया. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है. उन्होंने बाहरी अभ्यर्थियों को लेकर उठ रहे सवालों का भी उल्लेख किया.
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों में सरकार के स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि छात्रों के बीच लगातार बढ़ रहा असंतोष इस बात का संकेत है कि अब उनके धैर्य की सीमा खत्म हो रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए. हालांकि, ये भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस बयान के आधार पर नहीं हुई है.
CBI जांच नहीं तो इस्तीफे की मांग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार को भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की अनुशंसा करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. आदित्य साहू ने दोहराया कि भाजपा छात्रों के आंदोलन और उनकी CBI जांच की मांग के समर्थन में राज्य सरकार पर दबाव बनाएगी.