Ranchi News : शहर की सड़कों के किनारे नीचे झूल रहे केबल और इंटरनेट तारों को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के MD से 10 सितंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने पूछा है कि रांची में किन-किन टेलीकॉम कंपनियों को केबल और इंटरनेट तार लगाने की अनुमति दी गई है।
कितनी कंपनियां कर रहीं अनुमति वाली जगह का इस्तेमाल?
हाई कोर्ट ने बिजली निगम से यह भी बताने को कहा है कि जिन टेलीकॉम कंपनियों को केबल बिछाने की अनुमति दी गई है, उनमें से कितनी कंपनियां वास्तव में आवंटित जगह का इस्तेमाल कर रही हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर शहर में केबल और इंटरनेट तार निर्धारित तरीके से नहीं लगाए गए हैं और सड़क किनारे नीचे झूल रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी से बिजली वितरण निगम बच नहीं सकता।
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का भी मांगा हिसाब
अदालत ने बिजली निगम के MD से यह जानकारी भी मांगी है कि सड़कों पर नीचे झूल रहे केबल तारों के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। मामले में टेलीकॉम कंपनियों से भी जवाब मांगा गया है।
सुनवाई के दौरान Jio Digital Fibre Private Limited और Bharti Airtel की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। अब मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।