Monsoon Session 2026: मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने परंपरा के अनुसार एक चाय पार्टी का आयोजन किया. इस चाय पार्टी में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, और तृणमूल कांग्रेस समेत इंडिया अलायंस के अधिकांश घटक दलों ने हिस्सा नहीं लिया, जबकि डीएमके के नेता इसमें शामिल हुए.
विपक्ष के अधिकांश दलों ने किया बहिष्कार
विपक्ष के अधिकांश दलों ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया. सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस, सपा, टीएमसी समेत विपक्ष के कई दलों के नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष की ओर से आयोजित चाय पार्टी में हिस्सा नहीं लिया. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने भी इसकी पुष्टि की और कहा कि इन दलों के नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए.
डीएमके नेताओं ने लिया हिस्सा
हालांकि, विपक्षी गठबंधन के प्रमुख दलों में शामिल डीएमके के नेता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की चाय पार्टी में पहुंचे. इससे विपक्षी दलों के बीच कार्यक्रम को लेकर अलग-अलग रुख देखने को मिला.
चाय पार्टी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और सत्तापक्ष के नेता मौजूद रहे. लोकसभा सत्र के समापन के बाद इस तरह की चाय पार्टी आयोजित करना लंबे समय से चली आ रही संसदीय परंपरा है.
राज्यसभा की चाय पार्टी में विपक्ष शामिल
राज्यसभा में सभापति सीपी राधाकृष्णन की ओर से आयोजित चाय पार्टी में विपक्ष के नेताओं ने हिस्सा लिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत विपक्ष के कई नेता कार्यक्रम में शामिल हुए.
सत्र के समापन पर निभाई जाती है परंपरा
लोकसभा का सत्र समाप्त होने के बाद अध्यक्ष की ओर से चाय पार्टी आयोजित करने की परंपरा रही है. इसमें प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, सत्तापक्ष के नेताओं के साथ विपक्ष के प्रमुख नेताओं को भी आमंत्रित किया जाता है. इस बार लोकसभा की चाय पार्टी में विपक्षी दलों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी.