JAMSHEDPUR NEWS: जमशेदपुर के बागबेड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में SIR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) की प्रारूप मतदाता सूची जारी होते ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. तय समय पर BLO के पास आवश्यक कागजातों के साथ फॉर्म जमा करने और बाकायदा पावती रसीद मिलने के बावजूद सैकड़ों पात्र मतदाताओं के नाम सूची से गायब मिले हैं. इस गड़बड़ी की वजह से आम नागरिकों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.
मुखिया और पंचायत समिति सदस्यों के नाम भी लिस्ट से गायब
सामने आ रही जानकारी के अनुसार, मतदाता सूची से नाम गायब होने वालों में केवल आम नागरिक ही नहीं बल्कि कई निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि क्षेत्र के कई मुखिया, उपमुखिया और पंचायत समिति सदस्यों ने समय सीमा के अंदर अपने दस्तावेज जमा किए थे. रसीद होने के बावजूद प्रारूप सूची में नाम दर्ज न होने से चुनावी प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
प्रतिनिधियों ने DC के जरिए CM सोरेन को भेजा मांग पत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम के जिला उपायुक्त (DC) राजीव रंजन से मुलाकात की. प्रतिनिधियों ने उपायुक्त के माध्यम से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के जरिए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है.
नाम हटाने की वजह बताने और दोबारा जोड़ने की उठी मांग
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि जिन पात्र मतदाताओं को BLO से रसीद मिल चुकी है, उनके नाम किस आधार पर सूची से हटाए गए, इसकी पारदर्शी वजह बताई जानी चाहिए. इसके साथ ही छूटे हुए सभी मुखिया, उपमुखिया, पंचायत समिति सदस्यों और आम नागरिकों के नाम तुरंत नियमानुसार दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने की पुरजोर मांग की गई है.
भविष्य में ऐसी मानवीय चूक रोकने के लिए बने मजबूत तंत्र
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी सीधे तौर पर नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है. उन्होंने मांग रखी कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए डिजिटल और मैदानी स्तर पर सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए. पारदर्शी रिकॉर्ड कायम रखना निर्वाचन तंत्र की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
उपायुक्त ने दिए जांच के आदेश, दिए सुधारात्मक कदम उठाने के संकेत
शिकायत सुनने के बाद जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है. प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी. इसके साथ ही रसीद धारक सभी पात्र मतदाताओं के नाम नियमों के तहत पुनः जोड़ने के लिए त्वरित कदम उठाने का भरोसा दिया गया है