Ranchi News: पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर मनोहर कुमार को एक साथ कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि उनकी मौजूदा पदस्थापन व्यवस्था वित्त विभाग के उस आदेश की भावना के विपरीत है, जिसमें जूनियर अधिकारियों को सीनियर पदों पर रखने पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया था।
मनोहर कुमार 1997 बैच के इंजीनियर हैं और उन्हें अधीक्षण अभियंता के पद पर नियमित प्रोन्नति मिल चुकी है। वर्तमान में वह ग्रामीण कार्य विभाग में प्रभारी अभियंता प्रमुख और मुख्य अभियंता की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा विशेष प्रमंडल और झारखंड राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकार (JSRDA) में भी उन्हें अभियंता प्रमुख का प्रभार मिला हुआ है। वह पथ निर्माण विभाग में यातायात के मुख्य अभियंता के पद पर भी कार्यरत हैं।
सीनियर अधिकारी अधीनस्थ, वित्त विभाग के आदेश पर सवाल
ग्रामीण कार्य विभाग में 1995 बैच के गोपाल मंडल और सुबोध पासवान भी कार्यरत हैं। दोनों मनोहर कुमार से सीनियर हैं और अधीक्षण अभियंता के पद पर नियमित प्रोन्नति पा चुके हैं। इसके बावजूद वे अभियंता प्रमुख के रूप में मनोहर कुमार के अधीन कार्य कर रहे हैं। वित्त विभाग ने 19 मई 2026 को जारी आदेश में जूनियर अधिकारियों को सीनियर पद पर पदस्थापित करने पर रोक लगाई थी। यह निर्णय पुराने मामलों में अदालत के आदेशों के बाद लिया गया था।
बिंदेश्वर रविदास मामले के बाद जारी हुआ था आदेश
इससे पहले कार्यपालक अभियंता बिंदेश्वर रविदास को अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने का मामला सामने आया था। वह मुख्य अभियंता के प्रभार में रहते हुए सेवानिवृत्त हुए थे। बाद में हाई कोर्ट ने उन्हें मुख्य अभियंता के वेतनमान के अंतर की राशि और उसी पद के अनुरूप पेंशन देने का आदेश दिया था।
राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां भी सरकार को राहत नहीं मिली। इसके बाद वित्त विभाग ने जूनियर अधिकारियों को सीनियर पदों पर रखने पर रोक संबंधी आदेश जारी किया। अब मनोहर कुमार को कई महत्वपूर्ण सीनियर पदों की जिम्मेदारी दिए जाने से विभागीय पदस्थापन और वित्त विभाग के निर्देशों के अनुपालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।