Tata Steel Fitment Slip: टाटा स्टील के NS ग्रेड कर्मचारियों के वेतन संशोधन की प्रक्रिया में फिटमेंट स्लिप जारी होने के बाद अब इंक्रीमेंट डेट का मुद्दा सामने आया है. करीब 2200 कर्मचारियों को बुधवार सुबह SAP-Fiori ऐप के जरिए उनकी स्लिप उपलब्ध कराई गई. 24 जून को हुए वेतन समझौते के बाद कर्मचारी लंबे समय से फिटमेंट स्लिप का इंतजार कर रहे थे. इसी बीच स्लिप में कुछ कर्मचारियों की इंक्रीमेंट डेट आगे बढ़ाए जाने को लेकर आपत्ति शुरू हो गई है.
बंचिंग का असर इंक्रीमेंट पर
वेतन संशोधन के दौरान कुछ मामलों में सीनियर और जूनियर कर्मचारियों का संशोधित बेसिक एक समान हो गया. इसी स्थिति को बंचिंग कहा जा रहा है. पुराने वेतन अंतर को बनाए रखने के लिए कुछ जूनियर कर्मचारियों की इंक्रीमेंट डेट बदली गई.
कर्मचारियों के अनुसार, इससे संबंधित कर्मियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. NS-5 का उदाहरण लें तो संशोधन से पहले एक सीनियर कर्मचारी का बेसिक 31,455 रुपये और जूनियर का 30,865 रुपये था. दोनों के बीच 590 रुपये का अंतर था. संशोधन के बाद दोनों का बेसिक 47,555 रुपये हो गया. इसके बाद जूनियर कर्मचारी की 1 मई 2025 की इंक्रीमेंट डेट को 1 जनवरी 2026 कर दिया गया. इससे मई 2025 का इंक्रीमेंट नहीं मिलने की स्थिति बनी.
डिप्लोमा वालों पर भी पड़ा असर
कर्मचारियों के अनुसार, डिप्लोमा के आधार पर अतिरिक्त इंक्रीमेंट पाने वाले कुछ कर्मचारी भी बंचिंग की स्थिति में आ गए. इसके बाद उनकी इंक्रीमेंट डेट में बदलाव हुआ. कर्मचारियों का कहना है कि MGB को दो बार स्प्लिट किए जाने का असर भी मौजूदा फिटमेंट में दिखाई दे रहा है. वहीं, ओल्ड सीरीज में यह व्यवस्था लागू नहीं होने से वहां बंचिंग की ऐसी स्थिति नहीं बनी.
आपत्ति दर्ज कराने का मौका
प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन ने कर्मचारियों को फिटमेंट या इंक्रीमेंट डेट में गलती होने पर ग्रेवांस दर्ज कराने का विकल्प दिया है. इसके लिए एक सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है. आपत्तियों की जांच के लिए इस बार वेतन बनाने की प्रक्रिया 25 की जगह 28 अगस्त तक चलेगी. इसका उद्देश्य सिस्टम लॉक होने से पहले शिकायतों का समाधान करना है.
एरियर को लेकर भी जानकारी
फिटमेंट स्लिप के अनुसार जून और जुलाई का एलाउंस सितंबर के वेतन में जोड़े जाने की बात है. वहीं HR और बढ़े हुए बेसिक का एरियर नवंबर के वेतन के साथ MGB एरियर में मिलने की संभावना जताई जा रही है. फिलहाल कर्मचारियों की नजर ग्रेवांस प्रक्रिया पर है. आने वाले दिनों में आपत्तियों के निपटारे के बाद ही स्पष्ट होगा कि इंक्रीमेंट डेट और बंचिंग से जुड़ी शिकायतों में कितनी राहत मिलती है.