Ranchi News: झारखंड में बढ़ते साइबर अपराध के बीच पुलिस व्यवस्था को लेकर एक अहम कमी सामने आई है। राज्य के 24 जिलों में से अभी केवल 15 जिलों में ही साइबर पुलिस थाने काम कर रहे हैं। यानी 9 जिले अब भी ऐसी विशेष पुलिस व्यवस्था से वंचित हैं।
गृह मंत्रालय की समीक्षा में यह स्थिति सामने आने के बाद राज्य सरकार को सभी जिलों में साइबर पुलिस थाने शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय ने साइबर अपराध की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई के लिए पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया है।
साइबर ठगी की शिकायत के लिए 1930 और ऑनलाइन पोर्टल
गृह मंत्रालय ने ई-जीरो FIR व्यवस्था को जल्द प्रभावी तरीके से लागू करने को कहा है। इसके तहत साइबर अपराध की शिकायत मिलने पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जीरो FIR दर्ज की जा सकेगी और मामले को संबंधित साइबर थाने में भेजा जाएगा।
साइबर ठगी के शिकार लोग राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को ट्रैक करने और आगे की कार्रवाई करने में पुलिस को मदद मिल सकती है।
सभी जिलों में साइबर पुलिस की व्यवस्था बनाना चुनौती
साइबर अपराध के लगातार बदलते तरीकों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने जिलास्तर पर विशेष पुलिस व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई है। अब राज्य पुलिस के सामने बाकी 9 जिलों में साइबर थाने शुरू करने के साथ-साथ ई-जीरो FIR व्यवस्था को प्रभावी बनाने की चुनौती है।
सरकार के लिए यह व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे कार्रवाई के लिहाज से बेहद अहम होते हैं। सभी जिलों में विशेष साइबर पुलिस उपलब्ध होने से शिकायतों पर स्थानीय स्तर पर तेजी से कार्रवाई की उम्मीद है।