Ranchi News: छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई कथित मारपीट को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ जिस तरह बल प्रयोग किया गया, वह बेहद गंभीर और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। मरांडी ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
मरांडी ने दावा किया कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई अचानक नहीं थी। उनके अनुसार, इसकी पृष्ठभूमि 18 अगस्त की कैबिनेट बैठक में तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि छात्र पिछले 25 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे और उन्हें इस कथित साजिश की जानकारी नहीं थी।
व्हाट्सएप मैसेज का हवाला देकर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने महेशमुंडा और इमरान के व्हाट्सएप मैसेज का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इन संदेशों के जरिए कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालय बुलाने की बात कही गई थी। मरांडी ने सवाल उठाया कि आखिर इस तरह का आपात संदेश भेजने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर संबंधित लोगों की गिरफ्तारी की मांग की।
कई जिलों में छात्रों से मारपीट का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि गिरिडीह, रांची और हजारीबाग में आंदोलन कर रहे छात्रों को दौड़ाकर पीटा गया। उन्होंने कहा कि रांची में छात्राओं के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। वहीं, रामगढ़ में झामुमो नेताओं द्वारा खुले तौर पर मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया।
मरांडी ने कहा कि इन घटनाओं से जुड़े वीडियो फुटेज भी मौजूद हैं और उनके आधार पर पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि छात्रों के आंदोलन और उनके साथ हुई कथित हिंसा के बावजूद राहुल गांधी इस मामले पर अब तक सामने क्यों नहीं आए। मरांडी ने कहा कि छात्रों की समस्याओं और उनके आंदोलन को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
सीबीआई जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी
बाबूलाल मरांडी ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की भूमिका इस मामले में सामने आती है, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए।
मरांडी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने मामले में उचित कार्रवाई नहीं की, तो भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर छात्रों के पक्ष में आंदोलन करेगी।