Jharkhand Politics: झारखंड में करीब 26 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद अब सियासत तेज हो गई है. इसे लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर पलटवार किया.
JMM ने कहा कि छात्रों की मांगें जायज थीं. पार्टी ने पूरे आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया था. पार्टी के मुताबिक, झारखंड बनने के बाद से ही JSSC और JPSC की परीक्षाओं और नियुक्तियों पर सवाल उठते रहे हैं.
JMM ने पुराने JPSC मामलों की जांच का भी जिक्र किया. पार्टी ने सवाल किया कि पहले हुई जांच और CBI जांच का अब तक क्या नतीजा निकला. पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही साफ कर चुके हैं कि सरकार छात्रों के मुद्दे को गंभीरता से ले रही है. छात्रों को न्याय दिलाने के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी.
JMM ने दावा किया कि मौजूदा मामलों की CID जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है.
हाईकोर्ट के आदेश पर JMM की सफाई
हाईकोर्ट के आदेश को लेकर भाजपा के आरोपों पर भी JMM ने जवाब दिया. पार्टी ने कहा कि यह कहना गलत है कि सरकार की ओर से कोई वरिष्ठ वकील अदालत में पेश नहीं हुआ था.
JMM के अनुसार, सरकार की ओर से Mr. Achyut Keshav, Sr. AAG, Mr. J.F. Toppo, G.A.V. और Mr. Sanjoy Piprawall, Adv. अदालत में मौजूद थे. पार्टी ने कहा कि हाईकोर्ट ने फिलहाल संबंधित अभ्यर्थियों की नौकरी बरकरार रखी है.
अभ्यर्थियों से undertaking या affidavit देने को कहा गया है.
JMM के मुताबिक, अगर जांच में कोई अभ्यर्थी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है.
पुतला दहन विवाद पर भी JMM का जवाब
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन को लेकर हुए विवाद पर भी JMM ने सफाई दी. पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया.
JMM ने कहा कि पार्टी ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं करती. कार्यकर्ताओं या समर्थकों को पुतला दहन करने वालों से हाथापाई करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया था. पार्टी ने दावा किया कि पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल लोग असली छात्र, युवा या प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी नहीं थे.
JMM ने आरोप लगाया कि ये लोग भाजपा के कार्यकर्ता थे. पार्टी का कहना है कि जो छात्र वास्तव में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे और अपने भविष्य को लेकर आंदोलन कर रहे थे, उनके मामले में उन्हें न्याय मिल चुका है.
भाजपा पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप
JMM ने भाजपा पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया. पार्टी का कहना है कि आंदोलन खत्म होने के बाद भी कुछ लोगों के जरिए इसे फिर से उठाने की कोशिश की जा रही है.
JMM ने आरोप लगाया कि इसके जरिए सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास हो रहा है. पार्टी ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों का समाधान राजनीतिक टकराव से नहीं हो सकता.
इसके लिए निष्पक्ष जांच, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और दोषियों पर कार्रवाई जरूरी है.