Jamshedpur News: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने शहर की नगरपालिका इकाइयों की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि नगर निकायों में पारदर्शिता, जवाबदेही और योजनाओं का सही रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है.
सरयू राय ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र लिखकर नगर निकायों में ठोस सुधार की मांग की है. उन्होंने कहा कि हर साल पूरे हुए और अधूरे कार्यों का संस्थागत लेखाजोखा तैयार होना चाहिए.
इससे नए पदाधिकारियों को यह पता चल सकेगा कि कौन-से काम पूरे हुए और कौन-से बाकी हैं.
निविदा और योजनाओं में पारदर्शिता की कमी
सरयू राय ने आरोप लगाया कि निविदा प्रक्रिया, संवेदक चयन, एग्रीमेंट और कार्यादेश देने में काफी देरी होती है. उन्होंने कहा कि तय समय पर योजनाएं पूरी नहीं होने से सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ता है. कई विकास योजनाएं फाइलों में उलझकर रह जाती हैं. हालत यह है कि काम पूरा घोषित होने से पहले ही उसकी मरम्मत की जरूरत पड़ने लगती है.
सड़क, नाली और जल निकासी की योजनाएं वर्षों से अधूरी
विधायक ने कहा कि सड़क, गली, नाली, जलापूर्ति, साफ-सफाई और जल-मल निकासी जैसी बुनियादी योजनाएं हर साल शुरू होती हैं, लेकिन समय पर पूरी नहीं हो पातीं. उन्होंने जिला योजना, नगर विकास योजना और सांसद-विधायक निधि की योजनाओं पर भी सवाल उठाए.
8 जुलाई की बैठक का भी किया जिक्र
सरयू राय ने बताया कि 8 जुलाई 2026 को उपायुक्त कार्यालय में मानगो नगर निगम, जेएनएसी और टाटा स्टील यूआईएसएल के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी.
उस बैठक में नगर निकायों को संस्थागत तरीके से काम करने पर सहमति बनी थी. लेकिन डेढ़ महीने बाद भी सुधार की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई.
सरयू राय ने कहा कि शहर के विकास की योजना नालों को आधार बनाकर तैयार की जानी चाहिए. बरसात के समय घरों का पानी तेजी से बड़े नालों तक पहुंचे, ताकि जलजमाव की समस्या खत्म हो.
उन्होंने कहा कि इसके लिए सक्षम नगर निकाय, प्रशिक्षित मानव संसाधन और अलग संस्थागत व्यवस्था जरूरी है.
अंत में उन्होंने उपायुक्त से नगर निकायों को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ठोस सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया.