Ranchi News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में लंबे समय से बनी रिक्तियों को दूर करने और आयोग को दोबारा सक्रिय करने की प्रक्रिया सरकार ने तेज कर दी है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने आयोग के पुनर्गठन से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर राज्य कैबिनेट को भेज दिया है। प्रस्ताव में आयोग की मौजूदा स्थिति और चल रही CID जांच का भी उल्लेख किया गया है।
अध्यक्ष समेत तीनों सदस्यों के इस्तीफे के बाद JPSC का कामकाज काफी प्रभावित हुआ है। वहीं, आने वाले समय में आयोग के माध्यम से कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। ऐसे में सरकार के सामने आयोग में खाली पदों को जल्द भरकर इसकी नियमित गतिविधियां शुरू कराने की चुनौती है।
मुख्य सचिव स्तर पर हो चुका है विचार-विमर्श
JPSC के पुनर्गठन को लेकर मुख्य सचिव अविनाश कुमार और कार्मिक विभाग के अधिकारियों के बीच चर्चा हो चुकी है। संभावना है कि आगामी कैबिनेट बैठक में आयोग के नए स्वरूप और अध्यक्ष सहित तीन सदस्यों की नियुक्ति को लेकर विस्तार से विचार किया जाएगा। फिलहाल विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में किसी संभावित अध्यक्ष या सदस्य का नाम शामिल नहीं किया गया है। यानी कैबिनेट के सामने अभी आयोग के पुनर्गठन का प्रस्ताव ही रखा गया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आयोग को सक्रिय करना जरूरी
JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली रहने से आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े काम भी प्रभावित हो रहे हैं। आगामी परीक्षाओं को समय पर आयोजित कराने के लिए आयोग का पूरी क्षमता के साथ काम करना जरूरी माना जा रहा है। इसी को देखते हुए सरकार नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने की तैयारी में है, ताकि परीक्षा संचालन और अन्य जरूरी कार्यों में किसी तरह की बाधा न रहे।
नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर विकल्पों पर मंथन
सरकार के स्तर पर आयोग के नए गठन को लेकर अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। एक संभावित व्यवस्था के तहत कैबिनेट अध्यक्ष और सदस्यों के नामों को मंजूरी देकर प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेज सकती है। इसके बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत नियुक्तियां की जाएंगी। हालांकि, अंतिम फैसला कैबिनेट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा। इसके साथ यह भी तय होगा कि अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति किस प्रक्रिया और समयसीमा में पूरी की जाएगी।
CID जांच के बीच आयोग को फिर से सक्रिय करने की कोशिश
JPSC के पुनर्गठन की कवायद ऐसे समय में हो रही है, जब आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम की CID जांच चल रही है। विभागीय प्रस्ताव में जांच के साथ अध्यक्ष और सदस्यों के इस्तीफे की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। अब सरकार की प्राथमिकता JPSC को दोबारा प्रभावी तरीके से सक्रिय करना है, ताकि लंबित कार्यों के साथ आने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया भी सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।