Koderma: कोडरमा के जंगलों में अवैध ढिबरा उत्खनन और उसकी ढुलाई पर वन विभाग ने रविवार को कार्रवाई की. टीम ने अलग-अलग जगहों पर जांच करते हुए दो शक्तिमान ट्रक और करीब दो टन ढिबरा लदा एक ऑटो जब्त किया.
लोमचांची जंगल में पहुंची वन विभाग की टीम
विभाग को सूचना मिली थी कि लोमचांची जंगल में अवैध तरीके से ढिबरा निकाला जा रहा है. इसके बाद टीम ने रविवार सुबह जंगल में छापेमारी की. अधिकारी मौके पर पहुंचे तो वहां ढिबरा भरने के लिए दो शक्तिमान ट्रक खड़े मिले. कार्रवाई शुरू होते ही ट्रकों के चालक और वहां काम कर रहे मजदूर जंगल की ओर भाग निकले. इसके बाद दोनों ट्रकों को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया.
चान्देडीह में ऑटो भी पकड़ा गया
कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने चान्देडीह इलाके में भी वाहनों की जांच की. इस दौरान एक ऑटो में करीब दो टन ढिबरा लदा मिला. टीम ने ऑटो को भी जब्त कर लिया. विभाग अब जब्त वाहनों से जुड़े लोगों और फरार चालक-मजदूरों की पहचान करने में जुटा है.
वन अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जब्त वाहनों के संबंध में वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है. फरार लोगों की पहचान के बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
ब्लास्टिंग से जंगल को नुकसान का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में ढिबरा निकालने के लिए कई जगह ब्लास्टिंग की जाती है. इससे जंगल और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की कार्रवाई के कुछ समय बाद अवैध उत्खनन दोबारा शुरू हो जाता है.
उनके मुताबिक, सुबह के समय डोमचांच से तिलैया की ओर कई टेम्पो और ऑटो में ढिबरा ले जाते हुए दिखाई देते हैं. इनमें कुछ वाहन बिना नंबर प्लेट के भी बताए जाते हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सिर्फ छापेमारी तक सीमित रहने के बजाय अवैध ढिबरा खनन पर स्थायी रोक लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे वन संपदा बचाने के साथ सरकार को होने वाले राजस्व नुकसान को भी रोका जा सकेगा.