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  • 2026-08-23

Ranchi News: राशन कार्ड की जांच में झारखंड में बड़ा खुलासा, 6.29 लाख लाभुक अपात्र, 1.63 लाख नाम हटे

Ranchi News: सरकारी राशन व्यवस्था में पात्र लाभुकों की पहचान को लेकर झारखंड में बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत हुई जांच में राज्यभर में 6,29,973 लाभुक ऐसे पाए गए हैं, जो राशन का लाभ लेने के लिए निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते। इनमें से करीब 1.63 लाख नाम राशन कार्ड से हटाए जा चुके हैं, जबकि 4.66 लाख से अधिक मामलों में कार्रवाई बाकी है।


खाद्य आपूर्ति विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को अपात्र लाभुकों के खिलाफ कार्रवाई जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। राज्य स्तर पर इसके लिए 25 अगस्त तक की समय-सीमा तय की गई है। वहीं, केंद्र सरकार ने 31 अगस्त तक अपात्र नाम हटाने का निर्देश दिया है। समय पर कार्रवाई नहीं होने पर राज्य के खाद्यान्न आवंटन पर असर पड़ सकता है।

रांची में सबसे अधिक मामले

केंद्र के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अपात्र लाभुकों की संख्या के मामले में रांची सबसे आगे है। जिले में 93,198 लाभुक जांच में अपात्र पाए गए हैं। रामगढ़ में 73,567, धनबाद में 67,288 और पूर्वी सिंहभूम में 58,492 मामले सामने आए हैं।

गिरिडीह में 53,996, गोड्डा में 45,605, बोकारो में 32,577, गढ़वा में 24,757, जामताड़ा में 24,119, हजारीबाग में 23,884 और चतरा में 14,540 लाभुक अपात्र मिले हैं। दुमका में 10,676, देवघर में 8,117 और गुमला में 7,496 लाभुकों की पहचान हुई है।

आयकरदाता और सरकारी कर्मचारी भी राशन सूची में

सत्यापन के दौरान कई ऐसी श्रेणियां सामने आई हैं, जिनके लोग निर्धारित पात्रता पूरी नहीं करने के बावजूद राशन योजना का लाभ ले रहे थे। आंकड़ों के मुताबिक 1,272 सरकारी कर्मचारी, 1,84,810 आयकरदाता और 15,493 बड़े कारोबारी लाभुकों की पहचान हुई है।

इसके अलावा 13,087 कंपनी मालिक, 21,442 चारपहिया वाहन मालिक और 1,10,142 डुप्लीकेट राशन कार्डधारक भी जांच में सामने आए हैं। छह महीने या उससे ज्यादा समय से राशन नहीं उठाने वाले 1,77,751 लाभुकों को भी अपात्र श्रेणी में रखा गया है।

डिजिटल सत्यापन से सामने आ रही गड़बड़ियां

लाभुकों की पात्रता जांचने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के डिजिटल डाटाबेस का मिलान किया जा रहा है। NFSA-2 व्यवस्था के तहत उपलब्ध जानकारी का डिजिटल सत्यापन किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के जरिए सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता, वाहन मालिक और डुप्लीकेट राशन कार्ड जैसे मामलों की पहचान हुई है।

केंद्र के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने Rightful Targeting के तहत झारखंड में मिले 6,29,973 अपात्र लाभुकों के नाम राशन व्यवस्था से हटाने का निर्देश दिया है। इसके बाद राज्य खाद्य आपूर्ति विभाग ने जिलों को निर्धारित समय के भीतर सत्यापन और जरूरी कार्रवाई पूरी करने को कहा है।

31 अगस्त तक पूरी करनी होगी कार्रवाई

राज्य सरकार ने जिलों को 25 अगस्त तक कार्रवाई पूरी करने का लक्ष्य दिया है, जबकि केंद्र की अंतिम समय-सीमा 31 अगस्त है। सरकार का कहना है कि अपात्र लोगों को सूची से हटाने के बाद सरकारी खाद्यान्न का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।

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