Bokaro News: बोकारो के कसमार प्रखंड के एक सरकारी स्कूल में शिक्षा व्यवस्था की अलग तस्वीर सामने आई है. नव प्राथमिक विद्यालय जारा में इस समय सिर्फ एक छात्रा पढ़ती है. उसके लिए रोज स्कूल खुलता है और शिक्षिका पढ़ाने आती हैं. टांगटोना पंचायत के इस स्कूल में चौथी कक्षा में वर्षा कुमारी अकेली छात्रा है. बताया जाता है कि वर्ष 2015 में यहां 10 से ज्यादा बच्चे पढ़ते थे, लेकिन धीरे-धीरे दूसरे बच्चे निजी स्कूलों में चले गए.
एक बच्ची के लिए पूरी व्यवस्था
वर्षा रोज स्कूल आती है. शिक्षिका उसे पढ़ाती हैं और रसोइया उसके लिए मिड-डे मील तैयार करती हैं. वर्षा की मां मुन्नी देवी का कहना है कि उनकी बेटी पढ़ाई में अच्छी है और वह चाहती हैं कि उसकी पढ़ाई जारी रहे.
दूसरे स्कूल से जोड़ने की मांग
विद्यालय की सहायक आचार्य दुलाली देवी के अनुसार, स्कूल में सिर्फ एक छात्रा होने की जानकारी विभाग को कई बार दी गई है. उन्होंने स्कूल को किसी नजदीकी विद्यालय से जोड़ने की मांग भी की है.
जानकारी के अनुसार, शिक्षिका के वेतन, रसोइया के मानदेय, मिड-डे मील और अन्य खर्चों को मिलाकर स्कूल पर हर महीने करीब 40 से 50 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है. अब सवाल है कि लंबे समय से सिर्फ एक छात्रा वाले इस स्कूल को अब तक किसी दूसरे विद्यालय से क्यों नहीं जोड़ा गया. इस मामले में शिक्षा विभाग के अगले कदम पर सभी की नजर है.