PNG Gas Supply: केंद्र सरकार अब घरों में पाइप वाली रसोई गैस यानी PNG का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी में है. जहां PNG की पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां ज्यादा से ज्यादा घरों को इससे जोड़ने की योजना है. इसके लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया है.
गैस कंपनियों के साथ मिलकर करेंगे काम
जिला स्तर के अधिकारी PNG सप्लाई करने वाली कंपनियों और पेट्रोलियम कंपनियों के साथ मिलकर काम करेंगे. इनका काम उन घरों तक PNG कनेक्शन पहुंचाना होगा, जहां पाइपलाइन की सुविधा पहले से मौजूद है. सरकार का मानना है कि PNG सुरक्षित और सुविधाजनक ईंधन है. इसके इस्तेमाल से LPG सिलेंडर की ढुलाई भी कम होगी.
जहां PNG है, वहां LPG पर नई व्यवस्था
सरकार ऐसे इलाकों में LPG और PNG दोनों कनेक्शन रखने की व्यवस्था को बदलना चाहती है, जहां PNG उपलब्ध है. नए नियमों के तहत ऐसे घरों में दोनों कनेक्शन एक साथ रखने की अनुमति नहीं होगी. PNG कनेक्शन के लिए नोटिस मिलने के बाद भी आवेदन नहीं करने पर LPG सप्लाई बंद की जा सकती है.
हर क्षेत्र में बनेगी PNG समिति
PNG को बढ़ावा देने के लिए हर भौगोलिक क्षेत्र में PNG समन्वय समिति बनाई जाएगी. यह समिति उन घरों और सोसायटियों की पहचान करेगी, जहां PNG कनेक्शन दिया जा सकता है. लोगों को जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान और कनेक्शन कैंप भी लगाए जाएंगे.
RWA और आवासीय समितियों की भी होगी भूमिका
जिला प्रशासन RWA और आवासीय समितियों के साथ मिलकर काम करेगा. पाइपलाइन बिछाने के लिए जरूरी जगह उपलब्ध कराने में भी मदद की जाएगी. इसके अलावा गैस कंपनियों और LPG वितरकों के बीच समन्वय कराया जाएगा. उपभोक्ताओं की शिकायतों को दूर करने और PNG के इस्तेमाल की निगरानी भी की जाएगी.
LPG संकट के बाद सरकार का फोकस PNG पर
सरकार का PNG पर जोर बढ़ाने का एक कारण LPG की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियां भी हैं. पश्चिम एशिया में संकट के दौरान LPG की सप्लाई प्रभावित हुई थी. भारत अपनी LPG जरूरत का एक बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से आयात करता है. इसके मुकाबले घरेलू PNG सप्लाई पर संकट का असर कम रहा. इसी वजह से सरकार अब उन इलाकों में PNG का इस्तेमाल बढ़ाना चाहती है, जहां इसकी सुविधा उपलब्ध है.
जिलों में अधिकारी करेंगे निगरानी
पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्यों से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को इस काम से जोड़ने को कहा है. हर जिले में कम से कम जिला आपूर्ति अधिकारी स्तर के एक अधिकारी को PNG समिति से जोड़ा जाएगा. सरकार का कहना है कि PNG का इस्तेमाल बढ़ने से LPG पर निर्भरता कम होगी. इसके साथ ही देश की ऊर्जा व्यवस्था बाहरी संकट और समुद्री परिवहन में आने वाली दिक्कतों के प्रति ज्यादा मजबूत हो सकेगी.