West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने BJP नेता शुभेंदु अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाया है. ममता बनर्जी का दावा है कि शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें घर में नजरबंद रखने की धमकी दी है. ममता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 15 सेकेंड का एक वीडियो शेयर किया है. उनका कहना है कि वीडियो में शुभेंदु अधिकारी ममता को सड़क पर निकलने से रोकने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं. ममता बनर्जी ने इस मामले को लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों से जोड़ा है.
राष्ट्रपति और CJI से दखल की मांग
ममता बनर्जी ने अपने पोस्ट में राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को टैग किया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संविधान में ऐसे भारत की कल्पना की गई थी. ममता ने कहा कि विपक्ष के किसी नेता की आवाजाही रोकने की धमकी लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल है. उन्होंने BJP पर विरोधियों की आवाज दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. ममता ने कहा कि जनता के सामने आखिरकार अहंकार को झुकना पड़ा है.
BJP ने आरोपों को बताया झूठ
BJP के मुख्य प्रवक्ता देवजीत सरकार ने ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने इसे सफेद झूठ बताया. BJP प्रवक्ता ने कहा कि ममता बनर्जी को किसी ने आने जाने से नहीं रोका है. उन्होंने कहा कि अगर ममता के पास कोई सबूत है तो उन्हें अदालत जाना चाहिए. देवजीत सरकार ने यह भी कहा कि बंगाल की जनता अब ममता बनर्जी को स्वीकार नहीं कर रही है.
पुराने मामलों का भी किया जिक्र BJP प्रवक्ता ने ममता बनर्जी के करीब 15 साल के शासन पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष थे, तब उन्हें 19 महीने में 144 बार हाईकोर्ट जाना पड़ा था. BJP का आरोप है कि उस समय विपक्षी नेताओं को कई कार्यक्रमों की अनुमति नहीं मिलती थी. देवजीत सरकार ने इसी आधार पर कहा कि TMC नेताओं को लोकतंत्र और संविधान की बात करने से पहले अपने शासनकाल को याद करना चाहिए. फिलहाल ममता बनर्जी के आरोपों पर BJP ने सफाई दी है. मामले में आगे कोई कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं, यह देखना होगा.